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‘फीवर’ जिले में हो गया ‘वायरल’

Tue, 06 Sep 2016 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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दोआबा में वायरल फीवर भी घर-घर वायरल हो गया। तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। यही कारण है कि वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके चलते गांवों की पीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। प्रतिदिन औसतन एक हजार मरीज जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी शामिल हैं।
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   बारिश बंद जरूर हो चुकी है, लेकिन मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कभी तापमान नीचे गिर जाता है तो कभी ऊपर चढ़ जाता है। रात 12 बजे के बाद तापमान नर्म हो जाता है तो दिन में उमस से लोग व्याकुल रहते हैं। इससे वायरल फीवर फैलाने वाले फ्लू के वायरस लोगों को जकड़ने लगे हैं। इससे घर-घर लोग बीमारी की जद में आ गए हैं। वायरल फीवर लोगों को कितनी तेजी से अपनी जद में ले रहा है इसकी पुष्टि पीएचसी, सीएचसी और जिला अस्पताल के आंकड़ों से की जा सकती है। सप्ताह भर के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रतिदिन जिला अस्पताल में आठ सौ से 12 सौ मरीज इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। इनमें 30 से 35 फीसदी मरीज वायरल फीवर के निकल रहे हैं। जिले में तेजी से वायरल हो रहे वायरल फीवर को लेकर लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
 
क्यों फैलता है वायरल फीवर का वायरस
वायरल फीवर फ्लू के वायरस से होता है। मौसम के बदलते मिजाज के दौरान फ्लू के वायरस तेजी से सक्रिय हो जाते हैं। फिजाओं में फैलने के बाद यह वायरस एक के बाद दूसरे व्यक्ति को अपनी जद में लेना शुरू कर देते हैं। यह उन लोगों में जल्द असर करता है जो बदलते मौसम में खुले में सोते हैं, साथ ही गर्मी और सर्दी को नजरअंदाज करते हैं।
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एक सप्ताह में अस्पताल आने वाले मरीजों के आंकड़े
तारीख         पुरुष        महिला
29 अगस्त        714        501
30 अगस्त       455        400
31 अगस्त       495        449
1 सितंबर       434        400
2 सितंबर       490        330
4 सितंबर       338        340
5 सितंबर       752        270

सावधानी से किया जा सकता है बचाव
बदलते मौसम में वायरल फीवर से कुछ सावधानियां बरतने के बाद व्यक्ति अपना बचाव कर सकता है। डॉ. विजय केसरवानी ने बताया कि गर्मी के बाद मौसम में तब्दीली होते ही व्यक्ति को खुले आसमान के नीचे सोना बंद कर देना चाहिए। खांसी आने पर मुंह में रुमाल लगाकर ही खांसना चाहिए। दिन में बगैर प्यास के कई बार पानी पीना चाहिए। बगैर हाथ धुले व्यक्ति को खान-पान करने से बचना चाहिए। इन सावधानियों को बरतते हुए वायरल फीवर के वायरस से बचा जा सकता है। बदलते मौसम में तनिक भी लापरवाही व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

मौसम में तब्दीली के दौरान वायरल फीवर के होने का खतरा अधिक रहता है। मौजूदा समय में कुछ ऐसा ही मौसम चल रहा है। ऐसे में बीमारी से बचाव के लिए सावधानी बरतें। बुखार की जद में आने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल में इलाज कराएं।
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रामजी पांडेय, सीएमएस
संयुक्त जिला चिकित्सालय
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