जिले के साढ़े तीन हजार लोग कौशाम्बी के साथ-साथ दूसरे प्रदेशों में भी राशन ले रहे हैं। आधार नंबर ट्रेस कर एनआईसी लखनऊ ने ऐसे लोगों की सूची तैयार की है। ये सूची जिला आपूर्ति विभाग को उपलब्ध कराई गई है। जांच के बाद पूर्ति बाद इनके राशन कार्डों को निरस्त करेगा।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए राशन कार्ड में परिवार के मुखिया और सदस्यों के आधार नंबर लिंक कराए गए हैं। इसके आधार पर ही राशन वितरित किया जाता है।
एनआईसी लखनऊ ने इसी आधार नंबर के माध्यम से ही जिले के ऐसे साढ़े तीन हजार लोगों की सूची तैयार की है, जो कौशाम्बी में राशन लेने के साथ ही दिल्ली, लुधियाना, हरियाणा, मुंबई, रायपुर, छत्तीसगढ़, पंजाब आदि विभिन्न प्रांतों से भी राशन ले रहे हैं। दो जगह से राशन उठान के मामले को गंभीरता से लेते हुए यह सूची जिला पूर्ति अधिकारी कौशाम्बी को भेजी गई है।
साथ ही इनके राशन तत्काल रोकने के लिए आदेश दिए गए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने सभी पूर्ति निरीक्षकों को सूची भेजकर उनके क्षेत्र के नामों को राशन कार्ड से हटाने के निर्देश दिए हैं। ताकि, ऐसे लोग सिर्फ एक जगह से ही राशन ले सकें।
राशन कार्ड धारकों की कराई जाएगी जांच
एनआईसी लखनऊ से भेजी गई सूची के जो नाम किसी राशन कार्ड में बतौर सदस्य शामिल हैं वे तत्काल हटा दिए जाएंगे। वहीं कुछ नाम ऐसे हैं जो राशन कार्ड में बतौर मुखिया शामिल हैं। उनका नाम हटाने में राशन कार्ड ही निरस्त हो जाएगा। इससे परिवार के अन्य सदस्यों को भी राशन मिलना बंद हो जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए जिला पूर्ति अधिकारी ने ऐसे मामलों में जांच के बाद राशन कार्ड निरस्त करने के आदेश दिए हैं।
एनआईसी लखनऊ से प्राप्त सूची में जिले के साढ़े तीन हजार लोग कौशाम्बी के साथ दूसरे प्रदेशों में भी राशन ले रहे हैं। ऐसे नामों का सत्यापन कर तत्काल डिलीट करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
अमित तिवारी-डीएसओ