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तीन बीडीओ के भरोसे आठ ब्लॉक, प्रभावित हो रहा विकास

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जिले में लंबे समय से खंड विकास अधिकारियों का टोटा है। इन दिनों आठ विकास खंड में सिर्फ तीन बीडीओ की तैनाती है। प्रत्येक बीडीओ पर दो-दो विकास खंड का जिम्मा सौंपा गया है। जबकि विकास विभाग के दो अफसर एक-एक ब्लॉक की कमान संभाल रहे हैं। ऐसे में विकास कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
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जिले में मंझनपुर, सरसवां, कौशाम्बी, सिराथू, कड़ा, मूरतगंज, चायल और नेवादा समेत आठ ब्लॉक हैं। नियमानुसार सभी ब्लॉकों में खंड विकास अधिकारी की तैनाती होनी चाहिए। लेकिन जनपद में फिलहाल देवेंद्रओझा, विजय शंकर त्रिपाठी और प्रवीण कुमार समेत सिर्फ तीन बीडीओ ही हैं। इनमें से देवेंद्र को नेवादा और सरसवां ब्लॉक, विजय शंकर त्रिपाठी को कड़ा और चायल तथा प्रवीण कुमार और मूरतगंज और कौशाम्बी विकासखंड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके अलावा जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार मंझनपुर ब्लॉक तथा बाल विकास अधिकारी सुरेश कुमार को सिराथू बीडीओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। एक बीडीओ पर दो-दो ब्लॉक का प्रभार होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहा है।
इसी तरह विकास विभाग के अफसरों पर खंड विकास अधिकारी का प्रभार होने के कारण इनके विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। दरअसल इन अफसरों का अधिकतर समय जिला मुख्यालय में आए दिन होने वाली बैठकों और फील्ड में खप जाता है। इसके चलते ये विकास खंड कार्यालयों में नियमित तौर पर नहीं बैठ पा रहे हैं। सीडीओ शशिकांत त्रिपाठी का कहना है कि जनपद में खंड विकास अधिकारियों की कमी है। इसके लिए शासन को कई बार पत्राचार भी किया जा चुका है।
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जिले के चायल ब्लॉक में तैनात एडीओ आईएसबी मकसूद सिद्दीकी व मंझनपुर के एडीओ आईएसबी सुरेंद्र सिंह को शासन ने अभी हाल में ही प्रमोशन देकर ज्वाइंट बीडीओ बना दिया है। खंड विकास अधिकारियों के अभाव में इन्हें प्रभारी बीडीओ के तौर पर ब्लॉक की कमान सौंपी जा सकती है। कई जनपदों में ऐसा किया भी गया है। लेकिन जनपद में इन्हें फिलहाल मौका नहीं दिया जा रहा है। संवाद
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