तनाव में आकर राकेश ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में ले लिया है, जिसमें चार लोगों के नाम हैं। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुझे लखनऊ के रहने वाले पार्टनरों ने झूठे मुकदमे में फंसा दिया...। मेरी खून पसीने से कमाई की रकम भी हड़प ली..। आए दिन मिलने वाली धमकियों से तंग आकर जान दे रहा हूं...। इन शब्दों को सुसाइड नोट में लिखकर रविवार को कल्याणपुर मकड़ीखेड़ा में रहने वाले इलेक्ट्रानिक्स व्यापारी राकेश कुमार (36) ने जहरीला पदार्थ निगल कर जान दे दी।
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मृतक की पत्नी ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। राकेश की पत्नी मनी गुप्ता ने पुलिस को बताया कि वह लखनऊ में पति के साथ रहती थीं। पति एक इलेक्ट्रॉनिक्स फर्म में काम करते थे। उनकी मुलाकात लखनऊ के ओम इलेक्ट्रॉनिक्स की मालकिन मंजु यादव और उनके पति रामजीत यादव से हुई।
उन्होंने अपनी फर्म में राकेश को सेल्समैन की नौकरी दे दी। फिर पार्टनर बनाने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए। जब राकेश को पता चला कि दोनों ने उनके साथ धोखाधड़ी की है तो वह रुपये वापस मांगने लगे। इस बीच आरोपियों ने राकेश पर ही फर्जी मुकदमा लखनऊ में दर्ज करवा दिया।
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22 सितंबर को लखनऊ के चिनहट थाने से किसी एसआई का फोन आया, जिसने एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी। तनाव में आकर शनिवार देर रात राकेश ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में ले लिया है, जिसमें चार लोगों के नाम हैं। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।