अधिकतम दो कार्यकाल तक पद में रह सकता है
यूपीसीए के सीईओ किस आधार पर राजीव शुक्ला का कार्यकाल वर्ष 2025 में खत्म होने की बात कह रहे हैं, यह समझ के परे है। कहा जा रहा है कि यह तभी संभव है, जब कोर्ट से उन्हें अनुमति मिले। गौरतलब है कि लोढ़ा समिति के नियमानुसार कोई भी व्यक्ति एक बार में अधिकतम दो कार्यकाल तक पद में रह सकता है। इसके बाद वह एक सेशन को छोड़कर फिर आखिरी कार्यकाल पूरा कर सकता है।
तीन लोगों को कार्यालय आने से मना किया गया
ऐसी सूरत में बीसीसीआई और राज्य संघ में अधिकतम नौ वर्ष ही कोई व्यक्ति अपने सेवाएं दे सकता है। इधर यूपीसीए की ओर से जिन तीन लोगों को कार्यालय आने से मना किया गया है, उसमें यूपीसीए की सीनियर महिला कमेटी की जीएम रीता डे हैं। वह वर्तमान में अवकाश पर हैं। प्रवीण गुप्ता को भी कार्यालय आने से मना किया गया है, इन पर पैसे के लेनदेन को लेकर जांच चल रही है।
ऑन रिकॉर्ड कुछ बोलने से मना कर दिया
जूनियर सेलेक्शन कमेटी के कपिल पांडे भी कार्यालय आने से रोके गए हैं। इस बीच पूरे मामले को लेकर यूपीसीए के एक अन्य निदेशक प्रेम मनोहर गुप्ता शनिवार अमर उजाला कार्यालय आए, लेकिन उन्होंने ऑन रिकॉर्ड कुछ बोलने से मना कर दिया। इस मामले में राजीव शुक्ला से भी कई बार फोन से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।
यूपीसीए ने इंदु प्रकाश को नियुक्त किया प्रवक्ता
यूपीसीए को लेकर लगातार आ रहीं खबरों के बीच शनिवार को उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने भ्रमित करने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई करने के लिए लीगल कमेटी के चेयरमैन व एपेक्स काउंसिल मेंबर इंदु प्रकाश मिश्रा को प्रवक्ता पद का दायित्व सौंपा है। यह जानकारी यूपीसीए के मीडिया प्रभारी मो. फहीम ने पत्र के माध्यम से दी है।
ऑडियो प्रकरण की जांच के लिए बनाई गई कमेटी
यूपीसीए की सीनियर महिला कमेटी की जीएम रीता डे की ओर से पूर्व क्रिकेटर अर्चना मिश्रा के खिलाफ ऑडियो में उन पर लगाए आरोपों को की जांच के लिए यूपीसीए ने शनिवार को एक कमेटी गठित का गठन किया। यह जानकारी यूपीसीए की ओर से नियुक्त किए गए प्रवक्ता इंदु प्रकाश मिश्रा ने दी। उन्होंने बताया कि कमेटी रीता डे व अर्चना मिश्रा के प्रकरण पर 10 दिनों के अंदर अपनी पूरी रिपोर्ट पेश करेगी।
यूपीसीए अध्यक्ष ने मांगा कमाई व खर्च का हिसाब
यूपीसीए के अध्यक्ष निधिपति सिंहानिया ने यूपीसीए से वर्ष 2004 से अबतक का कमाई और खर्च का हिसाब मांगा है। 20 साल के सेलेक्शन प्रॉसेस की भी पूरी जानकारी मांगी है। ये जानकारी अध्यक्ष निधिपति सिंहानिया के प्रतिनिधि उत्तम केसरवानी ने दी। उन्होंने बताया कि यूपीसीए का वित्तीय विभाग पूरी जानकारी देने के स्थान पर भटकाने का प्रयास कर रहा है।