एनेस्थीसिया के क्षेत्र में मरीज को बेहोश करने की नई तकनीकों के आने से गंभीर रोगियों का इलाज अधिक सुरक्षित हो गया है। इनमें एक ब्लॉक तकनीक है। इसमें अंग विशेष (सर्जरी जहां होनी है) को सुन्न किया जाता है।
यह जानकारी कानपुर में जेम्स कॉन-2018 में अमेरिका के अनेस्थेटिस्ट डॉ. प्रवीण कालरा ने दी। उन्होंने बताया कि अब बेहोशी की दवा देने के पहले मरीज के ब्रेन की आक्सीजन का पता लगाया जा सकता है।
इससे स्पष्ट हो जाता है कि मरीज को कितनी दवा देना है। इसके साथ ही रोगी को दी जाने वाली बेहोशी की दवा से निकलने वाली गैस के खतरों से बचा जा सकता है।