कानपुर के डिफेंस कालोनी जाजमऊ की अनम फातिमा को लंदन विश्वविद्यालय में एमबीए की पढ़ाई के दौरान भारतीय महिला उद्यमियों को लेकर बनाए गए एक प्रोजेक्ट के लिए गोल्डन पेन अवार्ड से नवाजा गया है। फातिमा को उनके विश्वविद्यालय से प्रोजेक्ट मिला था कि इंडिया में महिलाओं को अपना उद्योग लगाने में किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
अपने इस प्रोजेक्ट पर गंभीरता से अध्ययन करने के लिए कुछ दिनों पहले वह लंदन से अपने शहर आईं। यहां पर उन्होंने कई महिला उद्यमियों से मिलकर उनके अनुभव लिए, उनकी समस्याओं और संघर्ष को विस्तार से समझा। इस अध्ययन को उन्होेंने बखूबी अपने प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाया, जिसके लिए वह सम्मानित की गईं। इस सम्मान के जरिए उन्होंने कानपुर का नाम भी रोशन किया है। कैंट स्थित सेंट जोसेफ कॉलेज से अनम ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई की।
इंटरमीडिएट में उसे 95 प्रतिशत अंक मिले थे। इसके बाद उन्हें एमबीए की पढ़ाई के लिए लंदन विश्वविद्यालय में दाखिला मिल गया। लंदन विश्वविद्यालय में इस समय एमबीए करने वाली अनम कानपुर की एक मात्र छात्रा हैं। अनम महिला सशक्तीकरण की पक्षधर हैं। उनका कहना है कि महिला उद्यमियों पर उनका प्रोजेक्ट काफी तर्कसंगत था, जिसकी वजह से उन्हें गोल्डन पेन हासिल हुआ। यह सम्मान उन्हें 20 दिसंबर को विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के अवसर पर मिला। अनम के पिता इश्तिखार अहमद उद्यमी हैं। जाजमऊ में अनाम टेनर्स के नाम से उनकी टेनरी है।