राकेश सचान, कानपुर देहात, (कैबिनेट मंत्री)
असीम अरुण, कन्नौज, (स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री)
मन्नू कोरी, ललितपुर (राज्यमंत्री)
अजीत पाल, कानपुर देहात, (राज्यमंत्री)
प्रतिभा शुक्ला, कानपुर देहात, (राज्यमंत्री)
रामकेश निषाद, बांदा, (राज्यमंत्री)
सतीश महाना, कानपुर नगर, (कैबिनेट मंत्री)
सत्यदेव पचौरी, कानपुर नगर, (कैबिनेट मंत्री) (2019 में सांसद बने)
नीलिमा कटियार, कानपुर नगर, (राज्यमंत्री)
चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, चित्रकूट, (राज्यमंत्री)
रणवेंद्र सिंह धुन्नी, फतेहपुर (राज्यमंत्री)
लाखन सिंह राजपूत, औरैया (राज्यमंत्री)
अर्चना पांडेय, कन्नौज, (राज्यमंत्री) (दो साल बाद हटा दिए गए)
अजीत पाल, कानपुर देहात (राज्यमंत्री)
मन्नू कोरी ललितपुर राज्यमंत्री
कमलरानी वरुण कानपुर नगर कैबिनेट मंत्री (बीच में ही निधन हो गया था)
हरदोई के मल्लावां कस्बे के मोहल्ला गंगारामपुर के मूल निवासी बृजेश पाठक के डिप्टी सीएम बनाकर हरदोई को मंत्रिमंडल में खास जगह मिली। इसी के साथ सदर विधायक नितिन अग्रवाल और शाहाबाद की विधायक रजनी तिवारी को भी योगी सरकार में राज्यमंत्री बनाया गया है। ब्रजेश पाठक 2004 में उन्नाव लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं। नितिन अग्रवाल पहली बार 2008 के उपचुनाव में सदर से विधायक चुने गए थे। सियासत में एंट्री के साथ विजय हासिल करने वाले नितिन लगातार चौथी बार सदर से विधायक हैं। शाहाबाद से भाजपा विधायक रजनी तिवारी भी लगातार चौथी बार विधायक चुनीं गईं।
भाजपा ने सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) के एमएलसी आशीष पटेल को कैबिनेट मंत्री बनाया है। वे केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति हैं। आशीष चित्रकूट के मऊ तहसील के हनुमानगंज के रहने वाले हैं।
सपा का गढ़ ध्वस्त करने पर असीम को मिला इनाम
इत्र नगरी कन्नौज में सपा का गढ़ ध्वस्त करने पर पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण को इनाम मिला है। उन्हें प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। कन्नौज की सदर सीट से भाजपा से 36 साल बाद किसी को मंत्री पद मिला है।
पहली बार विधायकी लड़े और राज्यमंत्री बने रामकेश
बांदा के तिंदवारी क्षेत्र के पैलानी डेरा गांव निवासी रामकेश निषाद चित्रकूटधाम मंडल के पुरोधाओं पर भारी साबित हुए। पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़े रामकेश ने जिले में सबसे ज्यादा वोटों से जीत हासिल की। अब प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री बनने की उपलब्धि हासिल की।
कानपुर के साथ-साथ आसपास के जिले इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, उन्नाव, औरैया से भी किसी को मंत्री मंडल में इस बार जगह नहीं मिली। औरैया से पिछली सरकार में दिबियापुर सीट से विधायक रहे लाखन सिंह को मंत्री मंडल में कृषि राज्यमंत्री का पद नवाजा गया था। लेकिन इस बार जिले की तीन विधानसभा सीटों में से मात्र एक सदर सीट से जीत हासिल करने वालीं गुड़िया कठेरिया को मंत्रि मंडल में जगह नहीं मिली। योगी सरकार के लगातार दूसरे मंत्रिमंडल में भी इटावा को मायूसी ही हाथ लगी है। सरिता भदौरिया के इटावा सदर सीट से दोबारा जीतने पर उम्मीद थी कि इस बार उन्हें मंत्रिपरिषद में शामिल कर लिया जाएगा।
फर्रुखाबाद की चारों विधानसभा सीटों से भाजपा व गठबंधन से विधायक चुने गए। इनमें तीन भाजपा विधायकों ने दोबारा चुनाव जीता। भाजपा की झोली में चारो सीटें जाने से भाजपाइयों को एक मंत्री मिलने की उम्मीद थी। लेकिन फर्रुखाबाद के कोटे से एक भी मंत्री नहीं बना। हमीरपुर की राठ विधानसभा सीट से दोबारा विधायक चुनी गईं मनीषा अनुरागी को मंत्री मंत्रिमंडल में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन समर्थकों को हताशा मिली। इसी तहर फतेहपुर और उन्नाव से भी कोई चेहर मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हुआ।