मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन,आईएएस अधिकारी
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कानपुर के मंडलायुक्त रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी इफ्तिखारुद्दीन मामले में एसआईटी सोमवार को अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। इफ्तिखारुद्दीन पर सरकारी आवास में वर्ष 2014 से 17 के बीच धर्मांतरण को लेकर सभाएं करने का आरोप है।
इसके वीडियो वायरल होने के बाद शासन ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। सीबीसीआईडी के डीजी जीएल मीना की अध्यक्षता में गठित एसआईटी इफ्तिखारुद्दीन से जुड़े मामले की जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी को जांच में कई ऐसे सुबूत मिले हैं, जो इफ्तिखारुद्दीन पर लगे आरोपों को सही साबित कर रहे हैं।
एसआईटी इफ्तिखारुद्दीन द्वारा दिए गए साहित्य को भी जांच रिपोर्ट का हिस्सा बना सकती है। इस साहित्य में न सिर्फ हिंदू धर्म की गलत तरीके से व्याख्या की गई, बल्कि कुरान की आयतों के भी गलत अर्थ निकाले गए हैं। एसआईटी को इफ्तिखारुद्दीन के कानपुर मंडलायुक्त रहने के दौरान के धार्मिक आयोजनों के 67 वीडियो मिले हैं।
इनके ट्रांसक्रिप्ट तैयार की जा रही है। गौरतलब है कि एसआईटी को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया था। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में मिले वीडियो और साहित्य की छानबीन की वजह से रिपोर्ट सौंपने में देरी हो रही है।