कानपुर देहात। रक्षाबंधन के पर्व पर भाई की कलाई में राखी बांधना बहनों की प्राथमिकता होती है। वहीं इस बार कोविड के चलते जेल में सावधानी बरती जा रही है। जेल प्रशासन ने इस बार 72 घंटे के अंदर की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट लेकर आने वाली बहनों को राखी बांधने की छूट दी है। बिना कोविड जांच रिपोर्ट के कोई बहन भाई को राखी नहीं बांध सकेगी।
माती जिला कारागार में करीब 15 सौ पुरुष बंदी व कैदी निरुद्ध हैं। रक्षाबंधन में हर साल बहनें भाईयों को राखी बांधने जेल जाती है। कोविड संक्रमण के खतरे को देखते हुए बंदी व कैदियों की मिलाई पर प्रतिबंध लगाया गया था। हाल ही में कोविड की आरटीपीसीआर जांच कराने के बाद निगेटिव रिपोर्ट होने पर मिलाई करने का मौका दिया गया है।
राखी बांधने को लेकर बहनों में इस बार काफी संशय है। इस पर जेलर केके सिंह ने बताया कि राखी बांधने के लिए उन बहनों को मौका दिया जाएगा जो 72 घंटे के अंदर कोविड की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट लेकर आएंगी।
इसके अलावा बिना जांच रिपोर्ट के आने वाली बहनों को जेल प्रशासन लिफाफा उपलब्ध कराएगा। उसमें राखी व टीका सामग्री पैक कराकर उनके भाइयों का नाम लिखकर उन तक पहुंचाया जाएगा। इसी तरह से जेल में बंद बहनों के भाई भी कोविड जांच रिपोर्ट ले जाने पर राखी बंधवा सकेंगे।