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गांवों को 12 घंटे ही मिल रही बिजली

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सरवनखेड़ा। अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण क्षेत्र के लोग परेशान हैं। रात में दस बजे के बाद विद्युत कटौती शुरू हो जाती है, जिसके आने का कोई समय नहीं है। वहीं विभाग के अफसर कटौती पावर ग्रिड से होने की बात कह अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
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सरवनखेड़ा व गजनेर विद्युत सबस्टेशन से सौ से अधिक गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। विद्युत आपूर्ति का शेड्यूल 18 घंटे का है। इसमें शाम 6:30 से सुबह 6:30 बजे तक 12 घंटे इसके बाद सुबह 8:30 से दोपहर 2:30 बजे तक छह घंटे विद्युत आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित है। बिजली की रोस्टिंग का समय सुबह 6:30 से 8: 30 तक दो घंटे फिर दोपहर में 2:30 से शाम 6:30 बजे तक चार घंटे निर्धारित है।
कुल छह घंटे रोस्टिंग होनी है। सरवनखेड़ा के शिवम पांडेय ने बताया कि शेड्यूल के मुताबिक रात में कोई कटौती नहीं होनी चाहिए इसके बाद भी कभी नौ तो कभी दस बजे के बाद कटौती शुरू हो जाती है। विभाग की मनमानी से लोग परेशान हैं। जयूनियां गांव के सोनू सिंह ने बताया कि एक सप्ताह से कटौती अधिक बढ़ गई है। इससे गर्मी की वजह से नींद नहीं पूरी हो पा रही है।
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गजनेर के मोहम्मद फि रोज ने बताया कि जिम्मेदारों की अनदेखी से लोकल फाल्ट ठीक होने में भी लापरवाही होती है। शिकायत करने पर अफसर ऊपर से कटौती होने की बात कह पल्ला झाड़ लेते हैं। भैथाना गांव के अनूप अग्निहोत्री ने बताया कि दिन में तो लोग इधर उधर टहल कर गर्मी से राहत पा लेते हैं। मगर रात में बिजली न आने से लोग चैन से सो नहीं पाते हैं।
स्थानीय स्तर से कोई कटौती नहीं हो रही है। निर्धारित शेड्यूल में रोस्टिंग पावर ग्रिड से होती है। इसमें यहां से कोई सुधार संभव नहीं है। कहीं भी फाल्ट की शिकायत मिलती है तो तत्काल लाइन मैन भेजकर ठीक कराया जाता है। - अंबिका प्रसाद पांडेय, जेई सरवनखेड़ा
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