डीएम कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते कांग्रेसी। (संवाद)
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कानपुर देहात। लखीमपुर खीरी में हुई घटना से विपक्षी दलों में उबाल है। सोमवार को पैदल मार्च निकाल कर सपा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने भी कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
सपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष प्रमोद यादव ने कहा कि सरकार तानाशाही पूर्ण रवैया अपना रही है। लखीमपुर खीरी में किसानों को कार से कुचल कर मार दिया गया। अब सरकार वहां जाने से रोक रही है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव किसानों के परिवारों से मिलने जा रहे थे। उन्हें लखनऊ में ही रोक लिया गया। पूर्व जिलाध्यक्ष वीरसेन यादव ने कहा कि सरकार किसान विरोधी है। बैठक के बाद कार्यकर्ता सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
उधर प्रदेश सचिव अंबरीश सिंह गौर व जिलाध्यक्ष नरेश कटियार की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार दोपहर नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट परिसर पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसान शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। जानबूझ कर उन्हें कार से रौंदा गया।
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष आशुतोष पांडेय ने कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच कर लखीमपुर की घटना के विरोध में डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि हक की आवाज उठाने पर सरकार किसानों का दमन कर रही है।
कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते सपाई। (संवाद)- फोटो : AKBARPUR