कानपुर देहात। जिले में बीते 30 घंटे में तेज हवा के साथ शुक्रवार दोपहर ढाई बजे तक 120 मिमी बारिश हुई। इससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। जगह-जगह भीषण जलभराव की स्थिति रही और लोगों को आवागमन में दिक्कत उठानी पड़ी। बारिश से सबसे अधिक नुकसान दहलनी व तिलहन की फसलों को पहुंचा है। किसान अब जलभराव से फसल नष्ट होने की आशंका से परेशान हैं।
जिले में बुधवार रात शुरू हुई बारिश गुरुवार को पूरा दिन व रात में जारी रही। शुक्रवार सुबह से रुक-रुककर बूंदाबांदी होने से दैनिक कामकाज रफ्तार नहीं पकड़ पाया। झींझक ब्लॉक के मंगलपुर गांव में असवी रोड पर जलनिकासी न होने से सड़क पर ही जलभराव हो गया। सरवनखेड़ा ब्लॉक के गजनेर कस्बा व सैंथा में तालाब का पानी सड़कों में भरने से आवागमन की समस्या रही।
वहीं नगर पंचायत शिवली के कई वार्ड समेत रामपुर, रायपुर, मझिहार, बरियन निवादा, रामगढ़, चौथियाई, सुनवर्षा, हथिका, खखरा, अरशदपुर, बाघपुर गांव की गलियों में जलभराव हो गया। रसूलाबाद के कबीर नगर, सुभाषनगर, आजादनगर व नेहरूनगर में बारिश का पानी घरों में पानी घुस गया। गुरुवार रात लोग जागकर पानी निकालते रहे। उधर, अकबरपुर नगर पंचायत के सुभाष नगर (नबीपुर) में बारिश के चलते जलभराव हो गया है।
कच्चे घर गिरने से मलबे में दबा सामान
कानपुर देहात। डेरापुर तहसील क्षेत्र के जजमुइया गांव में शुक्रवार भोर रामजीवन यादव के कच्चे मकान का बरामदा अचानक ढह गया। मलबे में उसकी पुत्री अंजली (20) व दो बकरियां व दो पड़िया दब गई।
ग्रामीणों ने मलवा हटाकर अंजली को बाहर निकला और उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। वहीं मलबे में दबने से चारों मवेशियों की मौत हो गई। गृहस्थी का सामान भी बर्बाद हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने तहसीलदार डेरापुर को घटना से अवगत कराया।
इसी तरह सरवनखेड़ा में बारिश से मुकेश कुमार का कच्चा मकान ढह जाने से घर गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया। ग्राम प्रधान अनीसा बेगम के पति फिरोज ने सूचना लेखपाल को दी। सरदारपुर गांव में शिवचंद्र व राजेंद्र के कच्चे मकान भी गिर गए। वहीं पियासी गांव में सुनील का कच्चा घर गिर गया।
सिकंदरा तहसील के अफसरिया गांव में गुरुवार रात बारिश से इसरार का कच्चा मकान ढह गया। मलबे में दबकर एक बकरी की मौत हो गई और अनाज, कपड़े आदि बर्बाद हो गए। एसडीएम आरसी यादव ने लेखपाल से रिपोर्ट मांगी है।