दरअसल, पूछताछ में सहायक लेखाकार विनय दीक्षित के पास ट्रेजरी अफसर के डिजिटल सिग्नेचर होने की बात सामने आई थी। ऐसे में इस बात का जवाब लिया जाएगा कि विनय के पास वह पहुंचे कैसे। वहीं, 17 जनवरी को हुए लेनदेन की भनक श्रम विभाग को न लगने की भी छानबीन जरूरी है। यही वजह है कि पुलिस रिमांड पर लेकर आरोपियों से जानकारी जुटाई जाएगी।