नाबालिग को गाड़ी दी तो वाहन स्वामी को जाना पड़ सकता है जेल
अधिवक्ता कौशल किशोर शर्मा के मुताबिक नाबालिग द्वारा की जाने वाली दुर्घटना के लिए जितना नाबालिग दोषी है, उतना ही अभिभावक भी। माता-पिता को बच्चों को सड़क पर गाड़ी दौड़ाने से रोकना चाहिए। वरना बच्चों के साथ खुद भी बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हैं। मोटर व्हीकल एक्ट में ऐसे प्रावधान हैं। इसके अलावा आईपीसी के तहत भी रिपोर्ट दर्ज होती है और अब नए आने वाले कानून में तो इसके लिए सख्त सजा और बड़ी रकम के जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।
वाहन स्वामी 120 बी का आरोपी माना जाएगा
वरिष्ठ अधिवक्ता कमलेश पाठक का कहना है कि किसी वाहन को सड़क पर चलाने वाले के पास वैध लाइसेंस होना जरूरी है। बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाना कानूनन जुर्म है। इसके अलावा जो वाहन स्वामी बिना लाइसेंस धारक को अपना वाहन चलाने के लिए देता है वह भी होने वाली घटना या दुर्घटना के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार माना जाता है। जिस तरह से असलह लाइसेंस धारक दूसरे को असलह नहीं दे सकता, उसी तरह से एक वाहन स्वामी अपना वाहन बगैर लाइसेंस वाले को नहीं दे सकता। दुर्घटना में किसी की मौत हो जाती है, तो 304 गैर इरादतन हत्या का आरोपी माना जाएगा। अभिभावक या वाहन स्वामी को भी धारा 120 बी षड्यंत्र का आरोपी माना जाएगा।
नाबालिग को न दें वाहन
ट्रांसपोर्टर मोहम्मद हनीफ का कहना है कि अभिभावकों को नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने को देना नहीं चाहिए। यह भी ध्यान रखना चाहिए कि किसी और का वाहन भी उनका बच्चा चलाने न ले जाएं।
डीसीपी सेंट्रल बोले, रोज चेकिंग कराकर कसेंगे नकेल
डीसीपी सेंट्रल आरके गौतम का कहना है कि बैराज पर हुई घटना को गंभीरता से लिया गया है। रिपोर्ट दर्ज कर नाबालिग कार चालक को गिरफ्तार किया गया है। उसे जुवेलाइन कोर्ट में पेश किया जाएगा। साथ ही विवेचना में कार मालिक और अभिभावकों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। हादसे में किसी तरह संलिप्तता पाए जाने पर षडयंत्र (आईपीसी की धारा 120 बी) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बैराज पर ही हुई दो किशोरों की मौत की जांच ठंडे बस्ते में
गंगा बैराज पर अक्तूबर ने तीन युवकों पर नाबालिग ने कार चढ़ा दी थी। हादसे में कांशीराम नगर निवासी सागर (16) व आशीष की मौत हो गई थी। मामले में शुरू से ही नवाबगंज पुलिस ने लीपापोती शुरू कर दी थी। कार चला रहे एक नामचीन डॉक्टर के नाबालिग बेटे व उसके तीन साथियों को पकड़कर पुलिस को सौंपा गया था। बाद में पुलिस ने नाबालिग चालक को छोड़ दिया और अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की थी। हालांकि मामला अब ठंडे बस्ते में जा चुका है। थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि इस हादसे के साथ ही पूरे मामले की जांच एसीपी कर्नलगंज महेश कुमार कर रहे हैं।