इन काटे गए पेड़ों के बदले जो पौधे लगाए भी गए वे कई किलाेमीटर दूर हैं। गौरतलब है कि 1700 से अधिक बड़े पेड़ पिछले तीन साल में चौड़ीकरण के लिए काटे जा चुके हैं। इन हाईवे के किनारे-किनारे नई बस्तियों भी विकसित हुई हैं। इससे यह पूरा इलाका ही बदल गया है। तापमान यहां इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि इस क्षेत्र से एक लाख से अधिक वाहन रोजाना हाईवे से गुजरते हैं और उनका धुआं इलाके में फैलता है।
चकेरी क्षेत्र के इन मोहल्लों में सर्वाधिक असर
अहिरवां, पटेलनगर, राजा मार्केट, सावित्री नगर, मवैया गांव, जाना गांव, किशनपुर, वाजिदपुर, जाजमऊ, चकेरी, श्याम नगर , जगतपुर, रामादेवी, रूमा, महारापुर, सरसौल व इसके आसपास का क्षेत्र।
15 अप्रैल का तापमान
शहर के मध्य क्षेत्र में (सीएसए)-38.4 अधिकतम, 20.2 न्यूनतम
चकेरी क्षेत्र चकेरी क्षेत्र (वायुसेना मौसम केंद्र)-42.1 अधिकतम, 22.8 न्यूनतम
नंबर गेम
- 100000 से अधिक छोटे-बड़े वाहन रोज गुजरते हैं यहां से
- 1700 बड़े पेड़ सिर्फ हाईवे चौड़ीकरण के लिए ही काटे गए
चकेरी से गुजरने वाले हाईवे
कानपुर- प्रयागराज हाईवे
कानपुर-लखनऊ हाईवे
कानपुर-अलीगढ़ जीटी रोड
दक्षिण पूर्वी के इस क्षेत्र में तापमान बढ़ने की कई वजह मानी जा सकती हैं। एक तो रूमा औद्योगिक क्षेत्र पड़ता है। दूसरा हाईवे की वजह से बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही भी होती है। इसके अलावा इस क्षेत्र में हरियाली भी पर्याप्त मात्रा में नहीं है।- डॉ. एसएन पांडेय, मौसम विभाग प्रमुख, सीएसए