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कानपुर: रसोई पर आफत, 15 दिन में महंगाई का शतक, फिर बढ़े सिलिंडर के दाम, महिलाओं में नाराजगी

Mon, 01 Mar 2021 11:00 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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गैस सिलिंडर - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में बिना सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलिंडर महज 15 दिन में 100 रुपये महंगा हो गया है। पेट्रोलियम कंपनियों ने सोमवार को रसोई गैस सिलिंडर की कीमत में 25 रुपये की बढ़ोतरी और कर दी। यह अब 809 की जगह 834 रुपये में मिलेगा। पांच किलो वाले छोटे रसोई गैस सिलिंडर की कीमत में नौ और व्यावसायिक सिलिंडर की कीमत में 95 रुपये का इजाफा किया गया है।
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छोटा सिलिंडर अब 298.50 की जगह 307.50 और व्यावसायिक 1541.50 की जगह 1636.50 रुपये में मिलेगा। इससे पहले पेट्रोलियम कंपनियों ने 15 फरवरी को रसोई गैस सिलिंडर की कीमत 50 और 25 फरवरी को 25 रुपये बढ़ाई थी, जबकि व्यावसायिक सिलिंडर की कीमत इन्हीं तारीखों में क्रमश: 9.50 और 3.50 रुपये घटाई थी।

इटावा में हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस के दामों का पुननिर्धारण होता है। पिछले दो माह में दो से तीन बार गैस के दामों में बढ़ोतरी हो चुकी है। सोमवार को एक बार फिर से 14.2 किलोग्राम वाले गैस सिलिंडर के दामों में 25 रुपये की बढ़ोतरी हो गई। ऐसे में फरवरी माह में तीन बार दाम बढ़ने से मुसीबत झेल रहे लोगों को एक और झटका लगा है।
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वहीं व्यवसायिक सिलिंडर के दामों में 95 रुपये बढ़ने से मिठाई विक्रेताओं, रेस्टोरेंट व होटल संचालकों में खलबली मच गई है। इसका सीधा असर भी आम आदमी पर पड़ने वाला है। मंगलवार से घरेलू सिलिंडर 851 रुपये का मिलेगा, जबकि व्यवसायिक सिलिंडर की कीमत 1666 रुपये होगी।

 

लगातार गैस सिलिंडर के दामों में हो रही बढ़ोतरी से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। गैस की बढ़ती कीमतों से सबसे ज्यादा परेशान महिलाएं हैं। उनका का कहना है कि लोग अभी पूरे तौर पर कोरोना दौर की अर्थिक तंगी से उबर नहीं पाए हैं। ऐसे में जल्दी-जल्दी गैस के दाम बढ़ाना न्यायोचित नहीं है। दिसंबर से अब तक छह बार में सिलिंडर की कीमतों में 225 रुपये की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। 

बढ़े दाम तत्काल वापस ले सरकार 
इटावा के पक्का बाग निवासी सोनम गुप्ता का कहना है कि समझ में यह नहीं आ रहा है कि रसोई गैस सिलिंडर के दाम इतनी जल्दी जल्दी क्यों बढ़ाए जा रहे हैं। एक महीने के अंदर तीन बार दाम बढ़ाए जाने से घर के बजट पर भी असर पड़ना स्वाभाविक है। सरकार को बढ़े हुए दाम तत्काल वापस लेने चाहिए। अन्यथा लोगों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ जाएंगी और उन्हें कहीं न कही कटौती करनी पड़ेगी। 

उज्जवला लाभार्थियों की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं 
विकास कालोनी निवासी निशा का कहना है कि सरकार को कोई ऐसा रास्ता निकालना चाहिए। जिससे गैस सिलिंडर के दाम अचानक से बढ़ाने की नौबत न आए। फरवरी से लेकर अभी तक कई बार दाम बढ़ाए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा परेशान उज्जवला योजना की लाभार्थी महिलाएं हैं। यदि लगातार सिलिंडर के दाम बढ़ते रहे, तो वह दिन दूर नहीं जब वह फिर से चूल्हे पर ही परिवार के लिए खाना बनाने को मजबूर होंगी। 
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ऐसे तो जलाना पड़ सकता है चूल्हा 
ऊषा प्रजापति का कहना है घरेलू गैस सिलेंडर के बढ़ते हुए दाम को देखकर लगता यही है कि आने वाले समय में चूल्हा ही जलाना पड़ सकता है। एक ओर उज्जवला गैस सिलिंडर दिए गए। अब गैस के दाम बढ़ाना महिलाओं के हित में कतई नहीं है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की महिलाएं को रोना ही आएगा। हमारी एक ही मांग है कि गैस सिलिंडर के दाम कम किए जाएं। 

रसोई गैस की मूल्य वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन, महंगाई के विरोध में की नारेबाजी
हरदोई में जिला युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों के नेतृत्व में रसोई गैस की कीमतों के विरोध में सोमवार को केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया। जिंदपीर चौराहे के निकट प्रदर्शन करते हुए जिला युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष निर्भान सिंह यादव के नेतृत्व में लगातार बढ़ रही रसोई गैस की कीमतों के विरोध में गैस सिलिंडर को सिर पर रखकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

जिलाध्यक्ष ने कहा कि गैस की कीमतें प्रतिदिन 25-25 रुए बढ़ रहीं हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 तक आते-आते न घरों में सिलिंडर बचेगा और न ही देश में भाजपा सरकार बचेगी। इस मौके पर सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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