कानपुर देहात। लूट के शक में उठाए गए एक और युवक की बुधवार को पुलिस हिरासत में हालत बिगड़ गई। उसे मंगलपुर क्षेत्र की सीएचसी हवासपुर में भर्ती कराया गया है। देर शाम युवक के परिजन अस्पताल पहुंच गए।
हालांकि पुलिस मामले से अपना पल्ला झाड़ने में जुटी रही। वहीं, पीड़ित ने मीडिया कर्मी से बातचीत में कहा कि पुलिस बलवंत के साथ ही उसे भी पकड़ कर लाई थी। थाने में पुलिस ने बलवंत को पीटा था। बलवंत की मौत के बाद पुलिस ने उसे रनियां से हटाकर मंगलपुर थाने भेज दिया था।
शिवली के लालपुर सरैंया गांव निवासी व्यापारी चंद्रभान सिंह से हुई लूट के मामले में पुलिस और एसओजी ने शक के आधार पर कई लोगों को उठाया था। इसमें कानपुर नगर के शिवराजपुर थानाक्षेत्र के महिपालपुर निवासी राम राठौर भी शामिल था।
बलवंत सिंह की मौत के बाद परिजनों को सांत्वना देने पोस्टमार्टम हाउस पहुंची प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के सामने भी पीड़ित पक्ष ने कहा था कि चार लोग अभी पुलिस हिरासत में है। इसे लेकर राज्यमंत्री ने फोन पर एसपी से बात की थी।
कहा कि जो लोग पकड़े गए हैं, उनका फोटो व वीडियो भेज दें, ताकि लोगों को संतुष्ट किया जा सके। जवाब में एसपी ने कहा था कि पकड़े गए सभी लोग सुरक्षित हैं। इसके बाद पुलिस ने अविनाश कुशवाहा, सूरज व कल्लू को मामले में कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था, जबकि राम राठौर का पता नहीं था।
पुलिस हिरासत में बलवंत की मौत से उठे बवाल के बाद अफसरों ने राम राठौर को मंगलपुर थाना पुलिस को सौंप दिया था। बुधवार दोपहर मंगलपुर थाने में राम राठौर की तबीयत बिगड़ गई। इस पर उसे सीएचसी हवासपुर भेजा गया।
वहां मंगलपुर थाने के होमगार्ड अखिलेश सिंह ने उसे भर्ती कराया। बीच में मौका पाकर मीडिया कर्मी ने उससे बात की। सीएचसी में रात तक राम राठौर का उपचार चल रहा था और पुलिस कर्मी तैनात थे। सीएचसी के डॉ. वैभव कटियार ने बताया कि होमगार्ड अखिलेश सिंह ने राम राठौर को भर्ती कराया है। राम राठौर के तेज बुखार के साथ कुछ और परेशानी थी।