मड़ौली में शिवम से बात करती एसआईटी टीम। संवाद
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कानपुर देहात। मड़ौली ग्राम पंचायत के चालहा गांव में सोमवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान लगी आग से मां प्रमिला और बेटी शिवा उर्फ नेहा की जलकर हुई मौत के मामले में दोनों एसआईटी शनिवार को भी जांच में जुटी रहीं।
मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर व एडीजी आलोक सिंह ने हैलट में भर्ती प्रमिला के पति कृष्ण गोपाल से घटना की जानकारी ली। साथ ही बयान दर्ज किए। इधर, केस की विवेचना कर रही दूसरी एसआईटी ने शनिवार को प्रमिला के दोनों बेटों अंश और शिवम और भतीजे सौरभ समेत 12 लोगों के बयान दर्ज किए। बेटों ने एसआईटी को घटना के दौरान के छह वीडियो भी सौंपे हैं। टीम दिनभर घटनास्थल पर घूम-घूम कर साक्ष्य भी जुटाती रही।
केस की विवेचना के लिए गठित दूसरी एसआईटी के सीओ हरदोई विकास जायसवाल ने टीम के साथ गांव पहुंचे। घटनास्थल के आसपास स्थित जमीन के बारे में ग्रामीणों से पूछताछ की। नक्शा नजीर तैयार कराई। बेटों ने दिसंबर में आरोपी अशोक दीक्षित के विवाद के बाद रूरा थाने में दी गई तहरीर की कॉपी, रूरा और अकबपुर थाने में प्रशासन की तरफ कराई गई एफआईआर की कॉपी भी सौंपी।
टीम ने करीब सात घंटे तक घूम-घूम कर साक्ष्य जुटाए। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान मौजूद प्रधान से एसआईटी पूछताछ करना चाहती है, लेकिन वह सामने नहीं आए हैं। वहीं, वारदात के वक्त मौके पर मौजूद रहने का दावा करने वाले गांव के सरमन जोशी दूसरे दिन भी बयान देने नहीं आए।
एसडीएम, थानेदार समेत दस आरोपी गिरफ्त से बाहर
मड़ौली कांड के हत्यारोपी निलंबित एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद, रूरा थानाध्यक्ष दिनेश गौतम के साथ नामजद दस आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति का कहना है हत्यारोपियों की धरपकड़ के लिए दबिशें दी जा रही हैं।