कानपुर देहात। रसूलाबाद क्षेत्र के मड्डू नहर पुल के झाल में 22 फरवरी को एक किशोरी का शव फंसा मिला था। शव मिलने के बाद ककवन क्षेत्र से पहुंचे लोगों ने उसकी शिनाख्त घर से लापता पुत्री के रूप में की। तहरीर देने के नाम पर परिजन चुप्पी साध गए।
वहीं दूसरे दिन किशोरी के घर वाले बयान से मुकर गए और शव पुत्री का होने से इन्कार कर दिया। इससे पुलिस अब असमंजस में है। शव की शिनाख्त के लिए परिजनोें का डीएनए सैंपल लेकर जांच कराने की तैयारी की जा रही है।
ककवन थाना क्षेत्र से एक किशोरी लापता हो गई थी। परिजनों ने एक गैर समुदाय के युवक पर बहला फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था। 17 जनवरी को इसका मुकदमा ककवन थाने में दर्ज कराया था।
22 फरवरी को मड्डू नहर पुल झाल के नीचे एक किशोरी का शव फंसा मिला तो ककवन से परिजन मौके पर पहुंचे। रसूलाबाद के कार्यवाहक थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि शव को देखते ही किशोरी मां रोनी लगी और उसकी शिनाख्त पुत्री के रूप में की।
उनकी ओर से पहचान के लिए बताए गए सभी चिह्न किशोरी के शव में मिले। इसी तरह पिता ने भी उसकी पहचान कर ली। इसके बाद तहरीर देने के नाम पर सभी चुप्पी साध गए। 23 फरवरी को थाने पहुंचे परिजन अपने बयान से मुकर गए और अब लिखापढ़ी में किशोरी को अपनी बेटी मानने को तैयार नहीं हैं।
कार्यवाहक थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों की ओर से बयान बदलने से ककवन थाने में दर्ज मुकदमे को हत्या की धाराओं में नहीं बदला जा रहा। जनपद के उच्चाधिकारी कानपुर आउटर पुलिस के अधिकारियों से वार्ता करेंगे। वहां से कोई हल निकला तो ठीक है, नहीं तो रसूलाबाद थाने में ही हत्या का मुकदमा दर्ज कर परिजनों का डीएनए सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी।