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जयप्रकाश हत्याकांड: जमीन के नाम पर लाखों हड़पे, रकम वापस मांगने पर करवा दी हत्या, पुलिस भी हैरान

Mon, 17 Jan 2022 05:08 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर/रायबरेली

सार

जय प्रकाश बैंक ऑफ बड़ौदा की डीह (रायबरेली) शखा में सहायक प्रबंधक के पद पर तैनात थे। 11 जनवरी की रात गोलियों से उनको भून दिया गया था। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कई अलग-अलग बिंदुओं पर तफ्तीश शुरू की थी।
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jai prakash murder - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रायबरेली में कानपुर के बैंक अफसर जय प्रकाश पाल की हत्या जमीन की खरीद-फरोख्त में की गई थी। पुलिस खुलासे के करीब पहुंच गई है। गोली मारने वाले शूटर समेत कई बदमाश पुलिस की गिरफ्त में हैं। अब तक की मिली जानकारी के मुताबिक सुपारी देकर हत्या कराई गई। बाकी पुलिस सोमवार को वारदात का राजफाश कर सकती है। 
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देहली सुजानपुर निवासी जय प्रकाश बैंक ऑफ बड़ौदा की डीह (रायबरेली) शखा में सहायक प्रबंधक के पद पर तैनात थे। 11 जनवरी की रात गोलियों से उनको भून दिया गया था। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कई अलग-अलग बिंदुओं पर तफ्तीश शुरू की थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जय प्रकाश ने लखनऊ की एक टाउनशिप में 70 लाख रुपये की एक प्रॉपर्टी खरीदने का सौदा किया था।

जमीन का सौदा रायबरेली निवासी एक बिचौलिये के जरिये हुआ था। जमीन प्रतापगढ़ निवासी एक शख्स की थी। लाखों रुपये जय प्रकाश दे चुके थे लेकिन जमीन के कागजी कार्रवाई उनके नाम पर नहीं की जा रही थी। सूत्रों ने बताया कि इसी मामले में जय प्रकाश रकम वापस मांग रहे थे। तभी विवाद शुरू हो गया।
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पैसे वापस न करने पड़े इसलिए जय प्रकाश की हत्या करवा दी। रायबरेली एसपी श्लोक कुमार का कहना है कि बैंक अधिकारी की हत्या के मामले में पुख्ता सुराग मिले हैं। जिसके आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। कुछ संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है। प्रॉपर्टी के मामले में भी हत्या करने के कुछ साक्ष्य मिले हैं। सभी की गिरफ्तारी के बाद तथ्य स्पष्ट होेंगे। 

करीबी ने किया विश्वासघात 
बैंक अधिकारी की हत्या की जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उसमें एक तथ्य चौंकाने वाला है। वारदात में बैंक अफसर का एक बेहद करीब शख्स भी शामिल है। बताया जा रहा है कि आरोपी और बैंक अधिकारी का हर दिन साथ में उठना-बैठना था। सभी आपस में एक दोस्त की तरह थे। वही पूरी साजिश में शामिल रहा है। 
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