इरफान की पत्नी और मां उनके पास अपनी समस्या लेकर आईं थीं। उसे सुनने के बाद और काफी जांच पड़ताल करने के बाद हमने पत्र लिखकर यह कहा है कि यदि विधायक सही हैं तो उन्हें न्याय अवश्य मिलना चाहिए। पुलिस की तरफ से इस मामले में जो जल्दबाजी की गई है, उसमें गंभीरता से और निष्पक्षता से जांच करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाए। सवाल उठ रहा है कि सांसद पचौरी ने विपक्ष के विधायक के पक्ष में इस तरह का पत्र आखिर क्यों लिखा। वह भी ऐसे समय में जब सपा विधायक पर दो- दो मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और यह भी माना जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई प्रदेश सरकार की जानकारी में हो रही है।
कहा जा रहा है कि पिछले कुछ समय से भारतीय जनता पार्टी जिस तरह से मुस्लिम मतदाताओं को अपनी ओर खींचने के लिए तरह-तरह की योजनाएं और रणनीति बना रही है, सांसद पचौरी का विधायक इरफान के पक्ष में इस तरह से आना भी इसी रणनीति का एक हिस्सा हो सकता है। जानकारों का यह भी कहना है कि सांसद पचौरी को भी पता है कि विधायक इरफान सोलंकी कि जिस तरह से घेराबंदी शुरू की गई है, उससे साफ है कि वह जल्दी इस मामले से उबर नहीं पाएंगे। जिससे इरफान का राजनीतिक करियर भी दांव पर लग सकता है। ऐसे में इरफान के समर्थकों, जिनकी संख्या लाखों में है, उन्हें अपनी ओर लाने का इससे अच्छा मौका कोई और नहीं हो सकता है। यानी सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे।