यहीं पर नाबालिग दोस्त को कार में बैठाकर स्टंटबाजी कर रहा था। इसी दौरान अनियंत्रित हुई तेज रफ्तार कार ने निकेत की साइकिल में टक्कर मार दी और निकेत कार में ही फंस गए। उनके साथियों अमनदीप, आशु, रवि आदि ने ग्रामीणों की मदद से कार चालक नाबालिग और उसके दोस्त को दबोच लिया। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। घायल कारोबारी को सर्वोदयनगर स्थित एक अस्पताल में ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इधर पुलिस ने नाबालिग और उसके साथी को हिरासत में ले लिया।
नाबालिग ने तेजी व लापरवाही से कार चलाकर ले ली जान
पूछताछ में पता चला कि नाबालिग कार चालक अनवरगंज थानाक्षेत्र निवासी टाइल्स ब्रांडिंग का काम करने वाले व्यापारी का बेटा है और हाईस्कूल का छात्र है। उसका दोस्त सूटरगंज ग्वालटोली निवासी रेडीमेड कपड़ा कारोबारी का बेटा है। वह 11वीं का छात्र है। एसीपी कर्नलगंज महेश कुमार ने बताया कि नाबालिग ने तेजी व लापरवाही से कार चलाकर दवा कारोबारी की जान ले ली है। कारोबारी के परिवार की तरफ से तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
स्टंटबाजी और स्पीड से आई मौत
हिरासत में लिए गए नाबालिग कार चालक ने पुलिस को बताया कि हादसे के वक्त गाड़ी की स्पीड 90 के पार थी। इस वजह से कार अनियंत्रित हो गई और वह संभाल नहीं पाया। वहीं कारोबारी के साथियों का कहना है कि गाड़ी स्पीड में होने के साथ ही नाबालिग स्टंट भी कर रहे थे। दो पहियों पर गाड़ी चलाने का प्रयास कर रहे थे।
15 लोगों के समूह, रोज चलाने जाते थे साइकिल
निकेत के साथ ही 15 बुजुर्गों का ग्रुप है। ये लोग रोजाना सुबह साइकिल चलाने जाते थे। कभी सिविललाइंस से बिठूर तो कभी रूमा तक साइकिल चलाकर वापस आते थे। शनिवार सुबह ये लोग बिठूर साइकिल चलाकर जा रहे थे। तभी हादसा हो गया।
15 दिन पहले खरीदी थी सेकेंड हैंड कार
कानपुर में कार से कारोबारी की जान लेने वाले नाबालिग की जन्मतिथि 30 जुलाई 2007 है। इस हिसाब से वह करीब साढ़े 16 साल का है। वहीं, नाबालिग के साथी ने अपनी जन्मतिथि 11 नवंबर 2005 बताई है। बताया कि उसके बड़े भाई ने 15 दिन पहले सेकेंड हैंड कार खरीदी थी। वह घरवालों को बताए बिना ही कार लेकर निकला था। दोस्त को उसके घर से लिया और दोनों बैराज पहुंचे।
नाबालिग को कोर्ट में पेश कर बाल संप्रेक्षण गृह भेजा जाएगा
इसके बाद कार की स्टीयरिंग उसने अपने दोस्त को थमा दी। थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार किसी विलियम के नाम रजिस्टर्ड है। कार पांच बार बिक चुकी है। कार 10 रुपये के स्टांप पर खरीदी गई है। कार अभी ट्रांसफर नहीं हुई है। थाना प्रभारी के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर नाबालिग कार चालक को कोर्ट में पेश कर बाल संप्रेक्षण गृह भेजा जाएगा। उसके साथी और कार मालिक पर भी कार्रवाई की जाएगी।
पत्नी हुईं बदहवास, बच्चे न्यूजीलैंड और पुणे से कानपुर के लिए रवाना
दवा कारोबारी के निकेत तलाटी के मौत की खबर सुनते ही पत्नी नीना बदहवास हो गईं। रोते हुए पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं। पति का शव देखते ही गश खाकर गिर पड़ीं। उधर, बेटा गौरांक पुणे और श्रेय न्यूजीलैंड से कानपुर के लिए रवाना हो गए हैं। शाम को पोस्टमार्टम के बाद परिजन और व्यापारी निकेत का शव घर ले गए। कारोबारी के परिजनों और करीबियों ने मांग की है कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि आगे से कोई अभिभावक अपने नाबालिग बच्चे को कार न दें।
कारसवारों के परिजनों ने की सांठगांठ की कोशिश
हादसे की खबर पाकर थाने पहुंचे नाबालिगों के परिजनों ने पुलिस से सांठगांठ करने की कोशिश की। वे चाहते थे कि नाबालिग की जगह किसी बालिग ड्राइविंग लाइसेंस धारक को पुलिस आरोपी बना दे। थाना प्रभारी ने बताया कि ऐसा करने से मना करने पर आरोपियों के परिजनों ने इधर-उधर से फोन भी कराए। उधर, पुलिस ने देर शाम तक घटनास्थल पर खड़ी रही कार को कब्जे में ले लिया है।
दवा व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष थे निकेत
दवा कारोबारी निकेत तलाटी कानपुर दवा व्यापार मंडल के कई सालों से कोषाध्यक्ष थे। दवा व्यापारियों में निकेत तलाटी का बड़ा नाम था। मूलरूप से गुजरात के रहने वाले थे, लेकिन कई साल पहले कानपुर आने के बाद यहीं पर रच बस गए थे। एक बेटा न्यूजीलैंड में परिवार के साथ रहता है तो दूसरा पुणे में पत्नी और बच्चों के साथ रहता है।
गुजराती समाज को कानपुर में किया स्थापित
निकेत तलाटी गुजराती समाज सभा के भी पदाधिकारी थे। उन्होंने गुजरात के रहने वाले लोगों को कानपुर में स्थापित किया और उनको अलग पहचान दिलाई। वे गुजराती समाज के नाम से संस्था भी चलाते थे। वे सभा में सांस्कृतिक मंत्री के अलावा कई अन्य पदों पर रहे हैं। व्यापारियों ने बताया कि गुजराती समाज को कानपुर में निकेत तलाटी ने ही पहचान दिलाई है।