जिले की 17 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की भर्ती के चयन में प्रधानों की मनमानी के कारण आवेदन निरस्त कर दिए गए थे। लेकिन शिवराजपुर ब्लॉक के काकूपुर रब्बन ग्राम पंचायत का एक मामला ऐसा सामने आया है, जहां जांच कमेटी ने ही मनमानी कर पंचायत सहायक का गलत तरीके से चयन कर दिया।
कमेटी ने रोहित कुमार (74.63) प्रतिशत अंक का आवेदन निरस्त कर ईशू मिश्रा (70.9) प्रतिशत अंक के आवेदक का चयन कर पंचायत सहायक की नियुक्ति भी दे दी। जब भुगतान करने का समय आया तो प्रधान अमरीश बाजपेई ने रोक लगा दी और जिलाधिकारी विशाख जी से शिकायत कर मामले की जांच कर भर्ती निरस्त करने की मांग की है।
जिससे जांच कमेटी के अफसरों में खलबली मच गई है। जिले की 590 ग्राम पंचायतों में 573 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों का चयन हो चुका है। पंचायत सहायकों का चयन इंटरमीडिएट मेरिट के आधार पर किया जाना था। आवेदन पत्रों की जांच पहले ग्राम पंचायत की कमेटी (प्रधान, सचिव) ने आवेदकों की शैक्षिक योग्यता में वरीयता के आधार पर चयन करना था।
इसके बाद डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी को जांच करनी थी। जिससे किसी भी ग्राम पंचायत में गलत तरीके से चयन न हो सके। शिवराजपुर के काकूपुर रब्बन ग्राम पंचायत में रोहित कुमार (74.63) प्रतिशत, ईशू मिश्रा (70.9) प्रतिशत ने पंचायत सहायक के लिए आवेदन किया गया था।
ग्राम पंचायत कमेटी ने नियमानुसार रोहित कुमार का चयन कर फाइनल लिस्ट ब्लाक कार्यालय भेज दिया था। इसके बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यी कमेटी ( जिला उद्यान अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी, अवर अभियंता आरईडी) ने रोहित कुमार का बिना कारण बताए आवेदन पत्र निरस्त कर दिया और ईशू मिश्रा का चयन कर लिया और पंचायत सहायक पद पर नियुक्ति दे दी।
जिसपर ग्राम पंचायत कमेटी ने आपत्ति जताई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एक माह पूरे होने के बाद जब वेतन देने का समय आया तो प्रधान ने वेतन देने से इंकार कर दिया और इसकी शिकायत जिलाधिकारी विशाख जी से की। प्रधान ने शिकायती पत्र में कहा कि गलत तरीके से चयन किया गया इसे निरस्त कर दोबारा चयन किया जाए।
जिलाधिकारी ने जांच कराने का आदेश दिया है। जल्द ही इसके लिए टीम गठित कर जांच कराई जाएगी अगर गलत चयन पाया जाता है तो जांच अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ महेंद्र कुमार, सीडीओ