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अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश: इंश्योरेंस कंपनी का डाटा खरीद ग्राहकों को लगाई दो करोड़ की चपत, छह आरोपी गिरफ्तार

Thu, 10 Jun 2021 04:03 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

क्राइम ब्रांच के एडीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि नौरंगाबाद, इटावा निवासी शिवम कुशवाहा, डलमऊ रायबरेली के वरुण सिंह व करन सिंह, हमदर्द नगर रतिया मार्ग दिल्ली के आशीष और डीडीए वेस्ट दिल्ली के करन शर्मा व अमन को गिरफ्तार किया गया है।
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छह आरोपियों को किया गिरफ्तार  - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगों के एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर छह शातिरों को गिरफ्तार किया है। आरोपी एक इंश्योरेंस कंपनी के ग्राहकों का डाटा खरीदते थे। फिर ग्राहकों से संपर्क कर पॉलिसी के नवीनीकरण का झांसा देकर उनसे ठगी करते थे।
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अब तक की जांच में दो साल के भीतर करीब दो करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। तफ्तीश जारी है। आरोपियों के कुल 33 बैंक खाते मिले हैं। क्राइम ब्रांच के एडीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि नौरंगाबाद, इटावा निवासी शिवम कुशवाहा, डलमऊ रायबरेली के वरुण सिंह व करन सिंह, हमदर्द नगर रतिया मार्ग दिल्ली के आशीष और डीडीए वेस्ट दिल्ली के करन शर्मा व अमन को गिरफ्तार किया गया है।

शिवम गैंग का लीडर है। जांच में पता चला कि आरोपी मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का ग्राहकों का डाटा उनके एजेंट से खरीदते थे। इसमें उनको ग्राहक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, पॉलिसी नंबर समेत अन्य विवरण मिल जाता था।
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जिनकी पॉलिसी की किश्त देने का समय आता था तो ये आरोपी उनसे फोन पर बतौर इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट बनकर बात करते थे। पॉलिसी की राशि दस फीसदी छूट के साथ जमा करने का झांसा देते थे।
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ग्राहक झांसे में आकर तय रकम बताए गए खातों में जमा कर देते थे। इसी तरह से हजारों लोगों को आरोपियों ने चपत लगाई। आरोपी लखनऊ में एक किराये के फ्लैट में रहते थे। वहीं से ये पूरा फर्जीवाड़ा करते थे। 

किराये पर लेते थे खाते
एडीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि आरोपी किराये पर लोगों के खाते लेते थे। कुछ पैसे देकर उनके खातों का इस्तेमाल करते थे। रकम खुद एटीएम से निकालने के बजाए दो तीन सौ रुपये देकर किसी भी शख्स से निकलवाते थे। जिससे वो सीसीटीवी की जद में न आएं। यही नहीं, जिन मोबाइल नंबरों से ये कॉल करते थे वो फर्जी आईडी पर होते थे।

टेलीकॉम कंपनी के एजेंट से प्री एक्टिवेटेड सिम लेते थे। ये पूरा खुलासा तब हुआ जब 22 मई को गुजैनी निवासी अमित गुप्ता ने बर्रा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें अमित के साथ इसी तरह का फ्रॉड हुआ था और 51 हजार रुपये की चपत लगी थी। इसी केस की तफ्तीश से ठगों के नेटवर्क का खुलासा हुआ।
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