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चमड़ा कारोबार फिर से भरेगा उड़ान: मेगा लेदर क्लस्टर के लिए 90 वर्ष की लीज पर मिलेगी जमीन, मुख्यमंत्री करेंगे शिलान्यास

Thu, 10 Jun 2021 01:49 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने अधिकारियों को क्लस्टर के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं 15 जून तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि अगले तीन महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिलान्यास कराया जाना प्रस्तावित है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर शहर में मुश्किलों के दौर से गुजर रहे चमड़ा उद्योग के लिए अच्छी खबर है। रमईपुर में 451 करोड़ रुपये की लागत से 240.18 एकड़ क्षेत्र में मेगा लेदर फुटवियर एंड एक्सेसरीज क्लस्टर की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने अधिकारियों को क्लस्टर के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं 15 जून तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
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उन्होंने बताया कि अगले तीन महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिलान्यास कराया जाना प्रस्तावित है। सतीश महाना बुधवार को विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में मेगा लेदर क्लस्टर की स्थापना से संबंधित कार्यों की समीक्षा की और प्रोजेक्ट में आने वाली बाधाएं समझीं। निष्कर्ष ये निकला कि मेगा लेदर फुटवियर एंड एक्सेसरीज क्लस्टर के विकासकर्ता को भूमि 90 वर्ष के लीज पर दी जाएगी।

क्लस्टर के लिए यूपीसीडा भूमि उपलब्ध करवाएगा। रमईपुर के पास ग्राम समाज की भूमि दिए जाने से संबंधित शासनादेश जारी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि विकसित भूखंडों के आवंटियों को त्रिपक्षीय पट्टा किया जाएगा। यूपीसीडा ने क्लस्टर का ले-आउट और भवन मानचित्र तैयार कराया है।
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क्लस्टर में आवंटियों को हस्तांरण और अन्य प्रमुख सुविधाएं यूपीसीडा के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी। क्लस्टर के तहत आने वाली सड़कों को सिंगल लेन के बजाय टू-लेन किया जाएगा। पानी के निकासी की समुचित व्यवस्था भी होगी। उन्होंने बताया कि निजी उद्यमियों की सहमति के साथ एमएसएमई विभाग ने क्लस्टर का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा था, जिस पर सैद्धांतिक सहमति भी मिल चुकी है।
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अब उसके आगे की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। जमीन संबंधी बाधा दूर कर दी गई है। बैठक में अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास अरविंद कुमार, अपर मुख्य सचिव एमएमएमई डॉ. नवनीत सहगल भी मौजूद थे। कानपुर के कमिश्नर डा. राजशेखर ऑनलाइन जुड़े।

20 एमएलडी क्षमता का ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा
महाना ने बताया कि 20 एमएलडी क्षमता का दूषित जल ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित होगा। 250 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना के दायरे में कानपुर की सभी प्रमुख टैनरियां आएंगी। इससे दूषित जल उत्प्रवाह की समस्या दूर होगी। कानपुर में दूषित जल उत्प्रवाह की वजह से ही चमड़ा इकाइयां संकट में आई थीं। इस प्रोजेक्ट में सबसे पहले दूषित जल के प्रवाह को रोकने का काम किया जाएगा।

10 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
मेगा लेदर फुटवियर एंड एक्सेसरीज क्लस्टर की स्थापना से शहर व आसपास के 10 हजार से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इसके अलावा करीब 50 हजार लोग अप्रत्यक्ष रूप से इन इकाइयों से जुड़कर रोजी रोटी कमा सकेंगे। बीते तीन वर्ष से एनजीटी व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों पर खरा न उतरने की वजह से कुछ टेनरियां बंद चल रही हैं। कुछ पर बंदी की तलवार लटक रही है। इससे कानपुर का चमड़ा उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

10 हजार करोड़ का था टर्नओवर
तीन साल पहले चमड़ा उद्योग का सालाना टर्नओवर 12 हजार करोड़ का था। करीब 6500 करोड़ रुपये के उत्पादों का निर्यात भी किया जाता रहा है।
करीब 1.20 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा था। इन इकाइयों में प्रतिदिन 75000 जोड़े फुटवियर का निर्माण होता था। बीते काफी समय से चमउ़ा उद्योग की उत्पादकता ठहर गई है।
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अपर मुख्य सचिव ने जमीन की अदला-बदली के दिए थे निर्देश
अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम डॉ. नवनीत सहगल ने सोमवार को जिला प्रशासन को 85 एकड़ ग्रामसमाज की जमीन की अदला-बदली कर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। तभी माना जा रहा था कि एक तहसील से दूसरी तहसील में जमीन की अदला-बदली की पेंचीदगियों को दूर कर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। बुधवार को औद्योगिक विकास मंत्री ने इस पर मुहर लगा दी।

236 करोड़ प्रदेश व 125 करोड़ रुपये केंद्र खर्च करेगा
क्लस्टर के विकास के लिए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, उद्योग आंतरिक संवर्धन विभाग, भारत सरकार से सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। इस परियोजना में प्रदेश सरकार 236 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार 125 करोड़ रुपये अवस्थापना सुविधाओं के लिए व्यय करेगी। इसके तहत सड़क, जलापूर्ति, सीवेज, ड्रेनेज, हार्टीकल्चर, चहारदीवारी, स्ट्रीट लाइट, इंटरनल वाटर सप्लाई, इंटरनल स्ट्रोम वाटर ड्रेनेज, आईटी एंड टेली कम्यूनिकेशन, प्रशासनिक भवन, डिजाइन लैब, टेस्टिंग लैब, वैल्यू एडीशन सेंटर, हॉस्टल और अन्य सामान्य सुविधाएं उद्यमियों को मुहैया कराई जाएंगी।
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