गोताखोरों को बुलाकर छात्रों की तलाश शुरू कराई
दो छात्रों के नदी में डूबने की सूचना पाकर एसडीएम पूनम गौतम, सीओ अरुण कुमार सिंह और थाना प्रभारी समर बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे थे। गोताखोरों को बुलाकर दोनों छात्रों की तलाश शुरू कराई थी, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला था। अफसरों ने एसडीआरएफ की टीम बुलाई। गुरुवार को एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची।
थाना प्रभारी ने आक्रोशित लोगों को समझाया
टीम ने एक घंटे में रिंद नदी से दोनों छात्रों के शव ढूंढ निकाले। टीम के शवों को नदी से बाहर लाते ही परिजन अपने-अपने लाल के शव घर जाने की जिद पर अड़ गए और हंगामा शुरू कर दिया। मौके पहुंचे थाना प्रभारी ने आक्रोशित लोगों को समझा कर शांत कराया। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एक का दस, तो दूसरे का डेढ़ किलोमीटर पर मिला शव
पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने बुधवार की पूरी रात सर्च लाइट की मदद से बच्चों की नदी में तलाश कराई। सर्च ऑपरेशन के बाद भी छात्रों का कुछ पता नहीं चला था। गुरुवार सुबह एसडीआरएफ की टीम पहुंची और तलाश शुरू की। इस दौरान पुल से दस किलोमीटर दूर करिगवां गांव में विवेक का शव मिला। वहीं, पंकज का शव घटनास्थल से एक किलोमीटर दूर नदी में शव मिला।
तीन दिन से नदी में नहाने जा रहा थे बच्चे
पंकज और विवेक सहपाठियों के साथ शनिवार से लगातार रिंद नदी में अंदाया पुल के नीचे नहाते जाते थे। इसकी भनक न तो परिवार के लोगों को थी और न ही शिक्षकों को। बुधवार को नदी में दो छात्रों के डूबने के बाद पुलिस की तहकीकात में सामने आई।
गांव में पसरा सन्नाटा, कई घरों में नहीं जले चूल्हे
रिंद नदी में डूबने से हुई छात्र विवेक और पंकज की मौत के बाद से रूरा के हंसपुर गांव सन्नाटा पसरा रहा। साथ मातम का माहौल दिखा। दोनों छात्रों के घरों से महिलाओं से रूक-रूक रोने की आवाजें सुनाई देती रही। मरने वाले छात्रों के घर में दिनभर सांत्वना देने आने वालों का क्रम चलता रहा। कई घरों में चूल्हे भी नहीं जले।