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बिकरू कांड: खुशी दुबे ने केस डायरी की सीडी देखने के लिए मांगा लैपटॉप, 25 को सुनवाई

Fri, 08 Oct 2021 07:06 PM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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खुशी दुबे - फोटो : अमर उजाला
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बिकरू कांड में आरोपी खुशी दुबे ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर केस डायरी की सीडी देखने के लिए लैपटॉप मांगा है। उसने कोर्ट में कहा कि सीडी देखने के लिए उसके पास कोई संसाधन नहीं है। लैपटॉप मिलने पर वह केस डायरी पढ़कर अधिवक्ता से विमर्श कर सकेगी।
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दो जुलाई 2020 को बिकरू में कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। मामले में पुलिस ने विकास के खास अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को भी आरोपी बनाया है। खुशी पर वह सभी धाराएं लगाई गई हैं जो विकास व उसके साथियों पर दर्ज हैं।

शुक्रवार को खुशी को माती जेल से बाल न्यायालय एडीजे 13 शैलेंद्र वर्मा की कोर्ट में पेश किया गया। खुशी ने अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित के माध्यम से कोर्ट को पत्र देकर अनुरोध किया पूर्व में उसे सील बंद केस डायरी की सीडी उपलब्ध कराई गई थी। उसके पास सीडी देखने के लिए संसाधन नहीं है।
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उसने अनुरोध किया कि जेल अधीक्षक को निर्देशित किया जाए कि वे उसे लैपटॉप या अन्य संसाधन उपलब्ध कराएं ताकि वह केस डायरी पढ़ सके। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने कहा कि आरोपी को ये अधिकार है कि उस पर लगे आरोपों का वह अध्ययन करे। साथ ही बचाव के लिए अपने पक्ष रखे। ऐसी स्थिति में सीडी देखना जरूरी है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 25 अक्तूबर की तिथि तय की है।

वादी इंस्पेक्टर के न आने से नहीं हो सकी बहस
किशोर न्याय बोर्ड में खुशी दुबे पर फर्जी आईडी से सिम लेने के मामले की सुनवाई चल रही है। शुक्रवार को वादी इंस्पेक्टर कृष्णमोहन राय बोर्ड में नहीं उपस्थित हुए। इससे बहस नहीं हो सकी। बोर्ड ने सुनवाई की अगली तिथि 25 अक्तूबर तय की है।

बिकरू कांड में आरोपी खुशी दुबे पर चौबेपुर इंस्पेक्टर कृष्णमोहन राय ने फर्जी आईडी से सिम लेने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में किशोर न्याय बोर्ड में 14 सितंबर को इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन राय ने बयान दर्ज कराए थे। बहस के दौरान इंस्पेक्टर ने स्वीकार किया था कि नाबालिग की आईडी पर दूर संचार कंपनियां सिम नहीं देती हैं।

वहीं एफआईआर में टीआरएआई के नियमों का भी पालन नहीं किया गया है। इस मामले में बहस पूरी न होने पर कोर्ट ने 23 सितंबर की तिथि दी थी। इंस्पेक्टर के न आने पर आठ अक्तूबर की तिथि तय की थी। शुक्रवार को भी इंस्पेक्टर के न आने से बहस नहीं हो सकी। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने कहा कि कोर्ट ने मामले में अगली तिथि 25 अक्तूबर तय की है।
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