औषधि निरीक्षक संदेश मौर्य ने बताया कि दवाओं के सैंपल फेल होने, बिक्री के लिए आई दवाओं की खरीद का हिसाब न मिलने, नशीली दवाओं की बिक्री नियमानुसार न करने पर कार्रवाई की गई है।
कानपुर में प्रतिबंधित दवाओं और ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की बिक्री पर औषधि प्रशासन कार्यालय ने गुरुवार को चार मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट की कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। इनके प्रतिष्ठानों पर करीब एक साल पहले छापा मारा गया था।
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कई प्रतिबंधित दवाओं के सैंपल लिए गए थे। करीब ढाई लाख का माल सीज किया गया था। औषधि निरीक्षक संदेश मौर्य ने बताया कि दवाओं के सैंपल फेल होने, बिक्री के लिए आई दवाओं की खरीद का हिसाब न मिलने, नशीली दवाओं की बिक्री नियमानुसार न करने पर कार्रवाई की गई है।
इसमें मेडिकल स्टोर संचालक सुतरखाना हरबंश मोहाल निवासी संतोष सिंह, जूही लाल कालोनी निवासी मुकेश त्रिपाठी, शिवकटरा निवासी जितेंद्र कुमार साहू के अलावा चकेरी मोड़ के पास शालू अस्पताल में बगैर लाइसेंस चल रहे मेडिकल स्टोर के संचालक शिवशरण सविता को आरोपी बनाया गया है।
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इन मेडिकल स्टोरों में नारकोटिक्स दवाओं को डॉक्टर के पर्चे के बगैर बेचा जा रहा था। नियमानुसार नारकोटिक्स दवाओं के खरीदार का नाम, पता, मोबाइल नंबर एक रजिस्टर में सुरक्षित रखना होता है, ताकि जरूरत पड़ने पर खरीदार से पूछताछ की जा सके। इसके अलावा यहां ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन भी मिले। इन इंजेक्शनों की बिक्री प्रतिबंधित है।