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Bank Locker Case: पूर्व लॉकर इंचार्ज जांच के जद में, लॉकर कर्मियों से पूछताछ

Wed, 29 Mar 2023 09:36 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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कानपुर में बैंक ऑफ बड़ौदा, किदवईनगर-के ब्लॉक शाखा में बीते शुक्रवार को लॉकर से चोरी हुए डेढ़ करोड़ के गहनों के मामले में वर्तमान बैंक अफसरों की भूमिका के साथ ही अब पूर्व लॉकर इंचार्ज रतन चमन की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। पुलिस उनसे भी पूछताछ करेगी। सोमवार देर रात पुलिस ने पूर्व लॉकर इंचार्ज की मौजूदगी में लॉकरों की मरम्मत करने वाले दो कर्मचारियों से करीब दो घंटे तक पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं।

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बसंत विहार निवासी ऑर्डिनेंस फैक्टरी से सेवानिवृत्ति सूर्य कुमार अवस्थी की पत्नी रमा का बैंक में लॉकर था। उन्होंने 25 नवंबर 2017 को लॉकर लिया था। इसी बैंक में उनकी बेटी श्रद्धा शुक्ला का भी लॉकर है। आखिरी बार उन्होंने बेटे शशांक के साथ बैंक पहुंचकर कुछ और गहने लॉकर में रखे थे। इसके बाद से लॉकर ऑपरेट नहीं किया। बीते शुक्रवार को वह लॉकर चेक करने पहुंचीं तो लॉकर टूटा मिला और अंदर रखे गहने गायब थे। मामले में पुलिस ने शाखा प्रबंधक व अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू की।

सोमवार को पुलिस ने बैंक के रीजनल मैनेजर जेके जायस, डिप्टी रीजनल मैनेजर आरसी सचान, शाखा प्रबंधक कमलेश गुप्ता व लॉकर इंचार्ज स्वाति मिश्रा से करीब दो घंटे तक पूछताछ की थी, जिसमें पुलिस को सभी की भूमिका संदिग्ध मिली थी। पुलिस ने उन्हें कुछ समय की मोहलत देकर उनकी बेगुनाही के सुबूत मांगे हैं। इस पर बैंक अफसरों ने पुलिस को पहले 45 दिन फिर छह महीने के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का डाटा सौंपा था। पुलिस को अफसरों से पूछताछ में पता चला कि बैंक ऑफ बड़ौदा के लॉकरों के मेनटीनेंस का ठेका तीन साल पहले गोदरेज कंपनी को दिया गया था। वर्तमान लॉकर इंचार्ज स्वाति मिश्रा ने जनवरी 2022 में बैंक के 540 लॉकरों को पूर्व लॉकर इंचार्ज रतन चमन से टेकओवर किया था। रतन चमन के पहले 2020 में ही कुछ समय के लिए लॉकर इंचार्ज की जिम्मेदारी सौरभ नाम के कर्मचारी के पास भी रही थी, लेकिन रतन चमन के कार्यकाल में तीन बार शिकायत आने पर लॉकरों की मरम्मत कराई गई थी।

इसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने गोदरेज कंपनी के बेकनगंज निवासी दो कर्मचारियों अभिषेक राजपूत व संदीप शर्मा के बयान दर्ज करने के लिए थाने बुलवाया। उन्हाेंने भी पूर्व लॉकर इंचार्ज की मौजूदगी में ही लॉकरों की मरम्मत करने की बात कबूली। बयानों की सत्यता जांचने के लिए पुलिस ने वर्ष 2020 के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जो उन्हें मिले नहीं। इस पर बैंक के अफसरों से बुधवार को संबंधित सभी दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने को कहा है। वहीं, रतन चमन को भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजा जाएगा।
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लॉकर इंचार्ज की मौजूदगी में की गई थी मरम्मत
पुलिस को कर्मचारियों ने बताया कि तीनों बार लॉकरों की मरम्मत नियमानुसार लॉकर इंचार्ज की मौजूदगी में की गई है। वहीं, पुलिस को इसमें बैंक द्वारा लापरवाही बरतने की आशंका है। इसी की जांच के लिए पुलिस ने उस समय के बैंक के अंदर के सीसीटीवी फुटेज जुटाने का प्रयास कर रही है। एसीपी नौबस्ता अभिषेक पांडेय ने बताया कि गोदरेज कंपनी के दो कर्मचारियों से पूछताछ में कुछ संदिग्ध बातें प्रकाश में आई हैं। उनकी सत्यता की जांच के लिए वर्ष 2020 के फुटेज जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बैंक के अफसरों की भूमिका संदिग्ध होने से इनकार नहीं किया।
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