फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बलवंत हत्याकांड: सीजेएम कोर्ट का आदेश...आरोपियों पर चलेगा हत्या का मुकदमा, SIT ने जांच में किया था गोलमाल

Wed, 29 Mar 2023 01:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Balwant murder case: बलवंत हत्याकांड के आरोपियों पर हत्या का ही मुकदमा चलेगा। सीजेएम कोर्ट ने इसके लिए आदेश जारी किए हैं। साथ ही, विवेचना में बाहर किए गए दो आरोपियों पर भी इन्हीं धाराओं में केस चलाने का आदेश दिया गया है।
 
विज्ञापन
पुलिस हिरासत में मौत का मामला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर देहात के रनियां थाने में पुलिस की पिटाई से हुई व्यापारी बलवंत सिंह की मौत के मामले में जेल में बंद और अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में मुकदमा चलेगा। इस बाबत मंगलवार को सीजेएम अदालत ने आदेश किया है। एसआईटी की विवेचना में जिन तीन आरोपियों को क्लीन चिट दी गई थी।

विज्ञापन

उसमें डॉक्टर को छोड़ कर तत्कालीन रनियां थाना प्रभारी व एसओजी के आरक्षी पर भी हत्या व अन्य धाराओं में मुकदमा चलाए जाने के आदेश दिए हैं।  थाना शिवली के सरैंया लालपुर गांव निवासी व्यापारी बलवंत सिंह को 12 दिसंबर 2022 को एसओजी और शिवली थाना पुलिस ने लूट के मामले में उठाया था।
रनियां थाने में पूछताछ के दौरान पुलिस की पिटाई से बलवंत की मौत हो गई थी। इस मामले में बलवंत के चाचा अंगद सिंह ने रनियां में तत्कालीन एसओजी प्रभारी प्रशांत गौतम, शिवली थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह, मैथा चौकी प्रभारी ज्ञान प्रकाश पांडेय आदि के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

विज्ञापन

मामले की विवेचना एसपी कन्नौज की अगुवाई में गठित एसआईटी को सौंपी गई थी। विवेचना में जुर्म खारिज होने की रिपोर्ट के साथ मामले को हत्या की धारा को हटाकर गैर इरादतन हत्या की धारा में तरमीम कर दिया था।
एसआईटी ने 14 मार्च को सीजेएम की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।

अदालत ने मामले में पुलिस की विवेचना को दूषित पाते हुए गैर इरादतन हत्या के स्थान पर हत्या समेत अन्य धाराओं में जेल में बंद आरोपियों व तत्कालीन थाना प्रभारी रनियां शिव प्रकाश सिंह, आरक्षी महेश गुप्ता पर मुकदमा चलाने के आदेश दिए हैं। साथ ही जेल में बंद आरोपियों को बदली धाराओं में रिमांड पर लेने के लिए तलब किया है।

इस बात की पुष्टि बलवंत हत्याकांड की पैरवी कर रहे अधिवक्ता जितेंद्र चौहान ने भी की है। वादी पक्ष से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि एसआईटी की विवेचना को पढ़ने से यह प्रतीत होता है कि विवेचना में दोषियों को बचाने का काम किया गया है।

जानबूझकर साक्ष्य संकलन में कोताही बरती गई है। उन्होंने बताया कि मामले में शामिल जेल में हेड कांस्टेबल सोनू यादव की ओर से बचाव पक्ष की ओर से जमानत अर्जी जिला जज लालचंद गुप्ता की अदालत में दाखिल की गई है। इसकी सुनवाई पांच अप्रैल को होगी। मामले में वादी की ओर से पक्ष रखा जाएगा।

एसआईटी ने पूरी जांच में किया गोलमाल
बलवंत के शरीर में चोटों के निशान देखकर हर कोई बेरहमी से पीटकर हत्या की बात कह रहा था। उसे एसआईटी ने सामान्य घटना की तरह जांच कर कोर्ट में 14 मार्च को सिर्फ उन्हीं पुलिस कर्मियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की चार्टशीट दाखिल की जो जेल में थे।

वहीं, घटना में नामजद तत्कालीन रनियां थानाध्यक्ष शिव प्रकाश सिंह, एसओजी के सिपाही महेश गुप्ता, जिला अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर को क्लीन चिट दे दी थी। इस पर शुरु से ही वादी अंगद सिंह सवाल उठा रहे थे। अंगद सिंह का कहना है कि तत्कालीन थानाध्यक्ष को एसआईटी ने मुल्जिम नहीं बनाया, बल्कि क्लीन चिट दे दी।
विज्ञापन

ये आरोपी हैं जेल में
बलवंत की हत्या के आरोप में तत्कालीन शिवली कोतवाल राजेश कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी प्रशांत गौतम, मैथा चौकी इंचार्ज ज्ञान प्रकाश पांडेय, सिपाही विनोद कुमार, दुर्गेश, सोनू यादव, प्रशांत पांडेय, अनुज माती कारागार में निरुद्ध हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें