मस्तिष्क में पहुंचकर कर सकता है मेनिनजाइटिस
इसके अलावा संक्रमण नियंत्रित न करने पर आंखों की रोशनी भी जा सकती है। डॉ. शालिनी ने बताया कि प्री सेप्टल सेल्युलाइटिस में संक्रमण आंख के चारों तरफ टिश्यु में हो जाता है। अगर इसे तुरंत नियंत्रित न किया गया, तो यह मस्तिष्क में पहुंचकर मेनिनजाइटिस कर सकता है।
एडीनो वायरस कर रहा कंजक्टिवाइटिस
डॉ.शालिनी मोहन ने बताया कि आंख के सफेद हिस्से पर एक झिल्ली होती है। इसे कंजंक्टाइवा कहते हैं। आंखों की झिल्ली में एडीनो वायरस से संक्रमण हो रहा है। उन्होंने बताया कि वैसे इस झिल्ली में हरपीज सिम्प्लैक्स वायरस, वैरिसिला जोस्टर वायरस, कोविड और अन्य वायरस से भी संक्रमण होता है।
एडीनो वायरस का है कोई नया स्ट्रेन
साथ ही बैक्टीरिया से भी संक्रमण हो सकता है। इन सभी तरह के संक्रमण को कंजंक्टिवाइटिस ही कहते हैं। लेकिन ज्यादातर एडीनो वायरस से ही संक्रमण होता है। इस बार एडीनो वायरस का कोई नया स्ट्रेन लग रहा है। वायरस बहुत तेजी से फैल रहा है। इससे आंख में हेमरेज भी हो जा रहा है।
बचाव के लिए श्यान रखें ये बातें...
- आंखों को साफ रखें, साफ पानी से धोएं।
- आंखों में धूल-मिट्टी आदि न जाने दें।
- आंख में खुजली हो तो हाथ से न रगड़ें।
- जो कॉन्टेक्ट लेंस का प्रयोग इस समय न करें।
- आंख में तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- संक्रमण होने पर बर्फ के पानी से सिंकाई करें।