झांसी। रेलवे स्वच्छता पखवाड़े के दौरान स्टेशन और प्लेटफार्मों की साफ- सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जबकि ट्रेनों के अंदर जगह- जगह गंदगी दिखाई दे रही है। मुसाफिरों को गंदगी व बदबू के बीच सफर करना पड़ रहा है। इससे पखवाड़े का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। रेल प्रशासन के दावा खोखला साबित हो रहा है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत रेलवे 16 सितंबर से दो अक्तूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा मना रहा है। पखवाड़े के दौरान स्टेशन बिल्डिंग, कार्यालय, परिसर, प्लेटफार्म व ट्रेनों में साफ- सफाई रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस अभियान के दौरान झांसी स्टेशन के सभी प्लेटफार्म व अन्य स्थान साफ- सफाई से चमचमा रहे हैं। यात्री भी साफ- सफाई देखकर हैरान रहते हैं। प्लेटफार्म पर गंदगी फैलने पर कोई कार्रवाई न हो जाए। इस डर से यात्री भी खराब खानपान, बोतल व अन्य सामान डस्टबिन में डाल रहे हैं। लगातार स्टेशन पर साफ- सफाई की निगरानी की जा रही है, लेकिन ट्रेनों के अंदर ऐसा नहीं हो रहा है। इस संबंध में पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि हर ट्रेन में सफाई कर्मी चल रहे हैं। वैसे तो वह स्वयं साफ- सफाई को दुरुस्त रखते हैं। अन्यथा शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जाती है।
- दोपहर 1.45 बजे: प्लेटफार्म दो पर आई निजामुद्दीन विशाखापटनम एक्सप्रेस के जनरल कोच व स्लीपर बी 4, बी 6 व बी 8 में शौचालय, वॉशबेसिन व दरवाजे के आसपास गंदगी से यात्री परेशान हो रहे थे।
- दोपहर 1.55 बजे: प्लेटफार्म पांच पर आई पुणे जम्मूतवी एक्सप्रेस के जनरल कोच व अधिकांश जनरल कोचों के दरवाजों पर गंदगी फैली थी। कोच के अंदर बर्थों के नीचे चाय के कप, पानी की बोतल व गुटखे के पाउच पड़े थे।
दोपहर 2.25 बजे: प्लेटफार्म चार पर मुंबई फिरोजपुर पंजाब मेल के जनरल कोच के वॉशबेसिन व शौचालय बेहद गंदे थे। स्लीपर कोच नंबर बी 2, बी 5 व बी 7 में भी जगह- जगह गंदगी पड़ी थी।
स्वच्छ रेलगाड़ी दिवस मनाया
झांसी। रेलवे में स्वच्छता पखवाड़े के तहत सोमवार को स्वच्छ रेलगाड़ी दिवस मनाया गया। इस दौरान स्टेशन पर केरला एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस समेत सात ट्रेनों साफ- सफाई कराई गई। झांसी, ग्वालियर, बांदा, मुरैना, खजुराहो के कोचिंग डिपो में सफाई अभियान चलाया गया।