झांसी। विधानसभा के उप चुनाव में भाजपा के प्रचार के लिए जा रहे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का हेलिकॉप्टर क्लीयरेंस न मिलने की वजह से पिछले सप्ताह 15 मिनट तक बबीना में आसमान में ही मंडराता रहा था। जांच के बाद लैंडिंग की अनुमति दी गई थी। शिवराज ने इस घटना की जांच के निर्देश दिए हैं।
एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान को पिछले सप्ताह मप्र की पृथ्वीपुर विधानसभा में हो रहे उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार के लिए पहुंचना था। उन्होंने भोपाल स्टेट हैंगर से उड़ान भरी थी। बबीना पहुंचने पर लैंडिंग की अनुमति मांगी गई, जो नहीं मिल पाई, जिसके चलते शिवराज का हेलिकॉप्टर पंद्रह मिनट तक आसमान में ही मंडराता रहा। जानकारी मिलने पर एमपी के निवाड़ी जनपद के अफसरों ने सेना से संपर्क साधा। इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से लैंडिंग की अनुमति मिल पाई। लेकिन, इसके बाद शिवराज खजुराहो में उतरे। शिवराज ने घटना पर नाराजगी जताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, इस मामले में उप्र के उड्डयन मंत्री नंदगोपाल नंदी ने अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) केंद्र सरकार के अंतर्गत आता है। प्रदेश सरकार का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है।