झांसी। सहकारिता विभाग के निष्क्रिय अमीनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करके पांच वर्षों से लापता चल रहे पांच अमीनों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इन अमीनों ने राजस्व की वसूली पर ध्यान नहीं दिया। इस कारण यह कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने कहा कि इन सभी की सेवाएं समाप्त कर दी गईं हैं।
जिले में 58 सहकारी समितियां हैं। सहकारी समितियों से जुड़े काश्तकारों को लगभग 120 करोड़ रुपये सालाना फसली ऋण दिया जाता है, जिससे किसान अपनी जरूरतों को पूरा कर सकें और पैसों केे अभाव में उनके खेती के काम न रुकें। विभाग 120 करोड़ रुपये ऋण सालाना बांटता है और इसमें से करीब 33 करोड़ रुपये की बकायेदारी वसूल नहीं हो पाती है। इस कारण विभाग को राजस्व पूरा करनेे में दिक्कत होती है। बकाये की धनराशि को वसूल करने की जिम्मेदारी सहकारिता विभाग में कार्यरत वैतनिक और कमीशन आधारित सहकारी कुर्क अमीनों की है। इनमें से पांच अमीन ऐसे थे, जो पांच साल से अधिक समय से लापता थे। विभाग ने समय- समय पर इन्हें नोटिस जारी किया, लेकिन उन्हें इसका कोई असर नहीं हुआ।
इसके बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई, तो उन्होंने पांचों अमीनों की सेवाएं समाप्त कर दीं। जिन अमीनों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उनमें मोहल्ला मुकरयाना निवासी अबरार खान, ग्राम बकाइन निवासी प्रह्लाद सिंह, ग्राम बामौर निवासी कमलेश कुमार द्विवेदी, ग्राम कचनेव निवासी गुलाबचंद और ग्राम जरहाखुर्द निवासी कमल सिंह हैं। उन्होंने कहा कि सहकारी बकाये की वसूली मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों की समीक्षा में शामिल है। सहकारी समितियों के बकाया की वसूली के लिए समितियों द्वारा अभियान चलाया जा रहा है, ताकि बकाया वसूली के माध्यम से सहकारी समितियों को सहयोग करने वाली जिला सहकारी बैंक की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके।