पुष्पक एक्सप्रेस व पटना इंदौर एक्सप्रेस में लूटपाट करने वाले लुटेरों को पकड़ने के लिए जीआरपी मुख्यालय लखनऊ से भेजी गई एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की टीम ने भी अब मोर्चा संभाल लिया है। टीम ने हर बिंदु पर बारीकी से जांच शुरू कर दी है। लुटेरों का पता लगाने के लिए सबसे अधिक मदद सर्विलांस की ली जा रही है।अभी तक की जांच में छह टीमें 250 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी हैं। सर्विलांस टीम घटना से तीन घंटे पहले और तीन घंटे बाद तक आसपास क्षेत्र में सक्रिय 150 से अधिक मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की, लेकिन अभी तक लुटेरों के संबंध में कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है।
जीआरपी और आरपीएफ तो इस मामले में पूरी तरह से फेल साबित हो रही हैं अभी तक बदमाशों की खोजबीन नहीं कर पाईं हैं। इसलिए जीआरपी मुख्यालय ने लखनऊ एसटीएफ को लगाया गया है। । ट्रेन लूटकांड के लुटेरों तक पहुंचने के लिए आरपीएफ और जीआरपी की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं हैं। जबकि आरपीएफ के कमांडेंट, सहायक कमांडेंट, जीआरपी के एसपी, सीओ, छह टीमें, थानेदार व सिपाही लुटेरों की तलाश में लगे हैं।
यहां हुईं थीं घटनाएं
- 23 अगस्त की रात बदमाशों ने उरई सेक्शन के सरसौखी स्टेशन आउटर पर 09322 पटना इंदौर एक्सप्रेस के यात्रियों के साथ लूटपाट की थी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने सिग्नल फेल करने के लिए उस पर गीली मिट्टी लगाकर कपड़ा बांध दिया था। हथियारों के बल पर बदमाश कई यात्रियों का कीमती सामान लूट ले गए थे। इनमें इंदौर के तुकोगंज निवासी दीपांशी तिवारी, पटना के सिरौनी निवासी अंजनी व बाराबंकी के हैदरगढ़ निवासी अनीता ने जीआरपी झांसी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तीनों महिलाओं के गले से बदमाश मंगलसूत्र छीन ले गए थे जबकि इस ट्रेन में आरपीएफ स्क्वायड तैनात था।
- 24 अगस्त की रात बदमाशों ने पुष्पक एक्सप्रेस को पारीछा होम सिग्नल पर रोक कर यात्रियों के साथ लूटपाट की। बदमाशों ने ट्रेन को रोकने के लिए यहां भी सिग्नल पर गीली मिट्टी से लिपटा कपड़ा बांधा था। बदमाशों ने खिड़की से हाथ डालकर महिला यात्री माधुरी चौधरी के कान का झुमका लूट लिया। इस ट्रेन में जीआरपी स्क्वायड तैनात था।