संयुक्त टीम द्वारा की गई 80 बैनामों की जांच में से 13 में 17.55 लाख रुपये की स्टांप चोरी का मामला सामने आया है। इन सभी संपत्तियों के खरीदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर स्टांप शुल्क की वसूली की जाएगी साथ ही अर्थदंड लगाया जाएगा।
बैनामों में स्टांप ड्यूटी की जांच के लिए जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने संयुक्त टीम का गठन किया था, जिसमें एडीएम (वित्त एवं राजस्व), नगर मजिस्ट्रेट, मोंठ, मऊरानीपुर, टहरौली व गरौठा के उप जिलाधिकारियों, एसडीएम (न्यायिक), एसीएम प्रथम, डिप्टी कलक्टर तथा तहसीलदार गरौठा को शामिल किया गया था। टीम को 80 बैनामों की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी, जिनमें से 13 में 17,55,440 रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी गई है।
इनमें से कई बैनामों को आवासीय दर्शाया गया था, जबकि उसमें व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रहीं थीं। किसी में संपत्ति के पास से गुजरी सड़क की नाप कम दर्शाई गई थी, तो कृषि भूमि के बैनामों में उसमें लगे पेड़ों का उल्लेख नहीं किया गया था। संपत्तियों के सभी खरीदारों के खिलाफ मुकदमा दायर कर स्टांप शुल्क व अर्थदंड वसूला जाएगा।