चौधरी चरण सिंह बांध, लखेरी से करीब 38 साल बाद पहली बार खेतों तक पानी पहुंचेगा। इस दफे पहली बार बांध को 182.05 मीटर भरे जाने से यह संभव हो सकेगा। सिंचाई के लिए करीब 12 किमी लंबी नहर भी तैयार की गईं है। एक्सईएन के मुताबिक इस रबी सीजन में करीब एक हजार हेक्टेयर रकबे की सिंचाई हो सकेगी।
झांसी के सिंचित रकबे को बढ़ाने के लिए वर्ष 1982 में इस बांध के लिए संसद से प्रस्ताव पारित हुआ। इसके लिए मऊरानीपुर तहसील के लखेरी गांव को चुना गया। काफी समय तक मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। इसके बाद 1998 से प्रोजेक्ट तैयार करने का काम शुरू हुआ। वर्ष 2002 में 87 करोड़ रुपये से काम शुरू हुआ। इसके बाद वर्ष 2008 तक नहर एवं डैम बन गए लेकिन, विस्थापन का कार्य विवादित हो जाने से मामला लटक गया। कई वर्षो तक यह मामला सुलझाया नहीं जा सका। काफी कोशिश के बाद इस वर्ष पुनर्वास का मामला काफी हद तक निपट सका है।
विवादित गांव भी काफी हद तक खाली होने से बांध पहली बार 182.05 मीटर तक भरा जा सका। हालांकि अभी भी बुढ़ाई गांव में कुछ लोगों का मामला विवादित है। इस वजह से बांध अभी पूरी क्षमता के मुताबिक नहीं भरा जा सका लेकिन, अभियंताओं का कहना है बांध इतना भरा गया है कि उससे सिंचाई कराई जा सके। पहली बार यहां से सिंचाई कराए जाने की योजना बनाई गई है। सिंचाई के लिए 10-12 किमी लंबी नहर भी बन गई है। इनके जरिए इसी माह से सिंचाई आरंभ होनी है।
इन गांवों तक पहुंचेगा पानी
महेवा ग्राम, किशोरपुरा, रेवन, बुढाई, बछेरा, गढ्ढवा, पुरा, देवरा, विक्रमपुरा, कुटौरा, छिनौरा, कछियामऊ, पसौरा, गढ़ा, लहचूरा समेत अन्य।
पंद्रह अक्तूबर से सिंचाई का शेड्यूल तय किया गया है। इससे करीब डेढ़ दर्जन गांवों में एक हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित किया जा सकेगा। सिंचाई के लिए सभी तैयारियां शुरू हो गई है।
सिद्घार्थ, एक्सईएन, पंचम खंड