झांसी। जेडीए इन दिनों सिटी डेवलपमेंट प्लान तैयार करने में जुटा है। इसकी मदद से अगले बीस वर्ष के लिए महानगर के विकास का खाका खींचा जा रहा है। इसके जरिए विकास कार्यों से जुड़े सभी महकमे एक साथ मिलकर योजनाओं पर काम करेंगे।
अयोध्या की तर्ज पर शासन ने स्मार्ट सिटी में शामिल सभी महानगरों में अलग से सिटी डेवलपमेंट प्लान तैयार कराने को कहा है। अभी नगर निगम, जलसंस्थान, जल निगम, पीडब्ल्यूडी, जेडीए, सेतू निगम, दूरसंचार समेत अन्य महकमे अपने स्तर पर योजनाएं तैयार करते हैं। इस वजह से तमाम कार्यों में कोई भी तालमेल नहीं होता। ऐसी दशा में बनी योजनाएं लंबे समय नहीं चल पातीं। कुछ समय बाद इनको नए सिरे से शुरू करना पड़ता है। इन्हीं सब परेशानियों को देखते हुए स्मार्ट सिटी में शुमार महानगरों में डेवलपमेंट प्लान तैयार कराया जा रहा है। इसकी मदद से न सिर्फ अगले बीस वर्ष के लिए जल निकासी, सीवरेज, कूड़ा निस्तारण संबंधी योजनाएं तैयार होंगी बल्कि झांसी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को देखते हुए पर्यटन एवं उद्योग से जुड़ी योजनाएं भी बनेंगी। धरोहरों के सौंदर्यीकरण पर भी जोर रहेगा। इससे यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे। अफसरों को उम्मीद है इसके बाद महानगर में विदेशी पर्यटकों को भी लुभाया जा सकेगा। फिलहाल इसके लिए कंसलटेंट तय किए जाने की कवायद चल रही है। जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश दीक्षित के मुताबिक महानगर के ऐतिहासिक स्वरूप को देखते हुए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके माध्यम से माइक्रो लेवल पर योजनाएं होंगी।
इन इलाकों को किया जाएगा शामिल
डेवलपमेंट प्लान में जेडीए सीमा में शामिल सभी 101 गांव शामिल होंगे। इन इलाकों के लिए पहली बार मास्टर प्लान भी तैयार किया जा रहा है। उस समय जेडीए की परिधि महज 320 वर्ग किमी थी। इसके बाद 26 नवंबर 2013 को इसकी सीमा में 61 गांव और जोड़ दिए गए। अब जेडीए की सीमा शिवपुरी रोड पर ग्राम डेली से बढ़कर रक्सा, ग्वालियर रोड में करारी से बढ़कर अंबाबाय, कानपुर रोड में गोरामछिया से बढ़कर पारीछा, मऊरानीपुर रोड में भगवंतपुरा से बढ़कर बरुआसागर तक पहुंच गई है। इन इलाकों को भी पहली बार सिटी डेवलपमेंट प्लान के जरिए जोड़ा जाएगा।