ग्राम पंचायतों में सचिवों को काम कराने में दिक्कत न हो, इसके लिए जिले में 1740 ग्राम पंचायतों को मिलाकर 430 क्लस्टर बनाए गए हैं। क्लस्टर के अनुसार ही पंचायत सचिवों की तैनाती की गई है। वह अपने से संबंधित क्लस्टर के अनुसार मिले गांवों में विकास कार्यों को परवान चढ़ाने का कार्य करेंगे।
जिले में एक पंचायत सचिव के जिम्मे दो-दो, तीन-तीन व चार-चार ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन ग्राम पंचायत सचिवों की तैनाती ऐसे हुई थी कि एक से दूसरे ग्राम पंचायतों की दूरी काफी अधिक थी। इससे पंचायत सचिवों को गांवों में कार्य कराने में दिक्कत हो रही थी। वे रोज अपने तैनाती वाले संबंधित ग्राम पंचायतों में नहीं पहुंच पाते थे। इससे विकास कार्य बाधित हो रहा था। हालांकि अब ऐसा नहीं होगा। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायतों का क्लस्टर बनाकर पंचायत सचिवों की तैनाती कर दी है। इसके तहत नौ से 10 हजार की आबादी पर एक क्लस्टर बनाया गया है। इससे अब एक पंचायत सचिव को आस-पास के ग्राम पंचायतों की ही जिम्मेदारी मिल गई है। इससे वे अब आसानी से ग्राम पंचायतों में जाकर योजनाओं व विकास कार्यों सहित लोगों की समस्याओं का निस्तारण कर सकेंगे। जिले के सभी 1740 ग्राम पंचायतों को मिलाकर 430 क्लस्टर बनाए गए हैं। इन क्लस्टर में कुल 307 पंचायत सचिव तैनात हैं। इनमें 151 ग्राम विकास अधिकारी और 156 ग्राम पंचायत अधिकारी शामिल हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष कुमार का कहना है कि पंचायत सचिवों को मिले ग्राम पंचायतों में भिन्नता थी। एक ग्राम पंचायत पास तो दूसरा दूर का मिला हुआ था। इससे उनको विकास कार्य सहित अन्य कार्यों को कराने में दिक्कत होती थी। शासन के आदेश व डीएम के निर्देश पर ग्राम पंचायतों का क्लस्टर बनाकर पंचायत सचिवों की तैनाती कर दी गई है। इससे पंचायत सचिवों को अब आस-पास के ही गांवों की जिम्मेदारी मिल गई है।