उरई। विश्व अल्जाइमर दिवस पर राठ रोड स्थित वृद्धा आश्रम में मानसिक स्वास्थ्य शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने 45 बुजुर्गों की जांच की। जिसमें सात बुजुर्ग मानसिक बीमारी से ग्रसित मिले।
जिला अस्पताल की मानसिक स्वास्थ्य इकाई में तैनात मनोचिकित्सक डॉ तारा शहजानंद ने अल्जाइमर रोग के बारे में बताया कि अल्जाइमर रोग ज्यादातर बुजुर्ग में होता है। इसमें धीरे-धीरे मनुष्य की याददाश्त और सोचने समझने की शक्ति कम हो जाती है। पर अब युवा भी इस रोग की चपेट में आ रहे हैं। यह रोग मस्तिष्क से जुड़ी बीमारी है। जिसमें मनुष्य याददाश्त खो देता है। संतुलित आहार न लेने व नशा करने से ज्यादा हो रहा है। उन्होंने बताया कि अल्जाइमर रोग को लक्षणों के आधार पर पहचाना जा सकता है। जैसे रोगी का छोटी-छोटी बातें भूल जाना, फोन नंबर भूल जाना, घर का पता भूल जाना, अपना नाम भूल जाना, हाथ पैर में कंपन, डर लगना प्रमुख है। इन लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए एवं मनोचिकित्सक को दिखाना चाहिए। साथ ही पंपलेट्स बांटकर बताया गया कि किसी भी प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य समस्या होने पर मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर. 8738830715 पर संपर्क किया जा सकता है। इस दौरान वृद्धा आश्रम के प्रबंधक रमेश भदौरिया, क्लीनिकल साइकोलाजिस्ट अर्चना विश्वास, दिनेश सिंह, आकांक्षा देवी, महेश कुमार आदि रहे। (संवाद)
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आयुष्मान भारत दिवस आज
उरई। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तीन साल पूरे होने पर गुरुवार को आयुष्मान भारत दिवस का आयोजन किया जाएगा। योजना के व्यापक प्रचार प्रसार के निर्देश अपर मुख्य सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद ने दिए हैं। मुख्य कार्यपालक अधिकारी संगीता सिंह ने इस संबंध में प्रदेश के सीएमओ को पत्र भी भेजा है। इस दौरान योजना के तहत आबद्ध जिले के सरकारी व निजी क्षेत्र के उस अस्पताल को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। जिसने 31 अगस्त 2021 तक अधिक योजना के लाभार्थियों का उपचार किया हो। आयुष्मान के डीपीसी डॉ आशीष कुमार ने बताया कि जिले में तीन साल में 9250 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। (संवाद)