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कालपी रेलवे स्टेशन पहुंचे, लेकिन नहीं रोक सके ट्रेन

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कालपी। लखीमपुर कांड के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने कालपी रेलवे स्टेशन पर शाम लगभग चार बजे नारेबाजी करते हुए छपरा मेल को रोकने का प्रयास किया, लेकिन भारी फोर्स की मौजूदगी से किसानों के मंसूबे पूरे नहीं हो सके। इसके बाद भाकियू नेताओं व कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
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किसान संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को भाकियू जिलाध्यक्ष डॉ. द्विजेंद्र सिंह निरंजन के नेतृत्व में भाकियू के कार्यकर्ता शहर स्थित रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। रेल रोको आंदोलन का राष्ट्रीय आह्वान होने के कारण एडीएम पूनम निगम, एएसपी राकेश कुमार, एसडीएम कौशल कुमार, सीओ वीके श्रीवास्तव, कोतवाल संतोष सिंह पुलिस फोर्स के साथ पहले से रेलवे स्टेशन पर मुस्तैद थे।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने बरौनी ग्वालियर ट्रेन को रोकने के लिए आगे बढ़े लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी में वह ट्रेन के इंजन तक नहीं पहुंच पाए। ट्रेन अपने समयानुसार कालपी स्टेशन से उरई की ओर रवाना हो गई। इस दौरान तहसील अध्यक्ष अजयपाल सिंह उर्फ राजू मलथुआ, केदारनाथ, चंद्रपाल सिंह गुर्जर, रामकुमार पटेल, देवकरन सिंह, अमर सिंह, श्यामबाबू पाल, सौरभ कुशवाहा, भगत सिंह, सुरेश सिंह, वीरसिंह, सत्येंद्र भदौरिया आदि मौजूद रहे।
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उरई स्टेशन पर तो फटक नहीं सके आंदोलनकारी
उरई। उरई में पुलिस की सख्ती के चलते कोई आंदोलनकारी स्टेशन नहीं पहुंच पाया। सीओ सदर संतोष कुमार, सीओ माधौगढ़ शाहिदा नसरीन की अगुवाई में डकोर, कुठौंद, एट थानाध्यक्ष, जीआरपी और आरपीएफ के जवान, दमकल व दंगा नियंत्रण वाहन के स्टेशन पर मुस्तैद रहे और स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही की दौरान सतर्कता बरतते रहे। किसान यूनियन का कोई बड़ा नेता स्टेशन पर नहीं आया। जबकि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष भी उरई में रहते है। पुलिस और खुफिया बल भाकियू नेताओं के बारे में जानकारी करता रहा लेकिन उनके मोबाइल स्विच आफ आते रहे।
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