जालौन। जाटव, और दोहरे समाज के बीच रोटी बेटी का संबंध होना चाहिए। तब इन दोनों समाजों की एकता और ज्यादा मजबूत हो जाएगी। यह बात पुराने अस्पताल के जाटव दोहरे, समाज के एकता सम्मेलन के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त मेजर घनश्याम ने कही।
कहा कि आज भी हमारे दोनों समाज में सामाजिक कुरीतियां है। इसको मिटाने के लिए हमें स्वयं शिक्षित होने के साथ बेटियों और बेटों को शिक्षित बनाना होगा। शिक्षा वह शानदार अस्त्र है, जिसके बल पर वे दुनिया में अपनी परचम फहरा सकते हैं।
पूर्व सांसद रामचरन दोहरे ने कहा कि शिक्षा से ही असमानता को दूर किया जा सकता है। उन्होंने अनुसूचित जातियों में जिले में दोहरे, जाटव और अहिरवार जातियां प्रमुख हैं। इसलिए इसमें अहिरवार समाज के नेताओं की भी आमंत्रित किया जाता तो और अच्छा रहता। समाजसेवी कमल दोहरे ने कहा कि जाटव, दोहरे समाज में काफी समानता है। इनमें बेटा बेटी का संबंध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे समाज को कुरीतियों के कारण अपमान झेलना पड़ता है। उन्होंने दोनों समाजों के लोगों से कहा कि वे अपने अपने घरों में शौचालय अवश्य बनाएं। बौद्ध भिक्षु आनंद भंते ने कहा कि हमारे समाज में 6537 जातियां, उपजातियों में बांटा गया। उन्होंने सच्चा मानव बनने के लिए बौद्ध धर्म स्वीकार करने को कहा।
संयोजक गुलाब सिंह जाटव ने कहा कि आज दलितों के नाम पर हजारों संगठन सरकारी धन प्राप्त कर रहे हैं। लेकिन समाज हित में कोई काम नहीं कर रहा है। अध्यक्षता पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष उजागर लाल दोहरे और संचालन व्यंग्यकार महेंद्र पाटकार मृदुल ने किया।