संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
कल को कोई चुनाव आएगा तो फिर से एक और पुलवामा जैसा हमला होगा। बच्चे इनके नहीं मरेंगे, हमारे मरेंगे। आज भी पुलवामा हमले में शहीद हुए सैनिकों के परिवार दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। भाजपा ने देश में धर्म की दुकान खोल दी है। ऐसा माहौल पैदा कर दिया है कि जो भाजपा का है वो हिंदू है, जो भाजपा का नहीं है, वह हिंदू नहीं है। मतलब अब हिंदू होने के लिए भाजपा का प्रमाणपत्र लेना पड़ेगा, लेकिन ये सरकार ये नहीं जानती कि ये वीर गोकुला की धरती है, जिस वजह से हम हिंदू कहलाते हैं।
ये बातें भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय महासचिव यदुवीर सिंह ने मंगलवार को सादाबाद में मुरसान रोड पर पूर्व विधायक प्रताप चौधरी के कोल्ड स्टोर परिसर में तीन काले कानूनों और करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित किसान महापंचायत में कहीं।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में किसानों ने ही देश को अनाज उपलब्ध कराया, लेकिन वर्तमान सरकार ने किसानों से आतंकवादी, खालिस्तानी, ये किसान नहीं है, न जाने क्या क्या कहा। किसान इस देश की सीमाओं की चौकसी करता है। किसान के बेटे ही देश की सरहदों की रक्षा करते हैं, देश की आंतरिक सुरक्षा में भी किसान के बच्चे तैनात हैं।
चौधरी चरण सिंह कहते थे कि जिस दिन किसान किसान बनकर वोट करेगा, उस दिन इस देश की तकदीर बदल जाएगी, लेकिन आज जिस दिन चुनाव आता है, हम लोग जाति गोत्र में बंट जाते हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ये हमसे बड़े राम भक्त हैं। राम का टेंडर दिया किसने है इनको। उन्होंने कहा कि राम-राम करते देखा है हमने अपने बुजुर्गों को। हमारे राम किसी मंदिर में नहीं थे हमारे बुजुर्ग उसे ह्दय में रखते थे। जब भी वह कोई शुभ कार्य करते थे तो राम का नाम लेते थे।
उन्होंने दिल से राम को माना और आज आप राम को अयोध्या में ढूंढ रहे हो। अपने बुजुर्गों से सबक लो। भाजपा वाले जय सियाराम नहीं, जयश्री राम बोलते हैं हिंदुस्तान भाजपा का गुलाम नहीं है। किसानों की आवाज दबेगी नहीं। सरकार किसानों के खिलाफ साजिश कर रही है।
मुख्यमंत्री को ये नहीं पता कि जिस दिन किसान निराश हो जाएंगे, उस दिन खेती खत्म हो जाएगी। इस देश के प्रधानमंत्री सिवाय झूठ बोलने के अलावा दूसरा कोई काम नहीं करते। उन्होंने भूमि अधिग्रहण व कांट्रेक्ट फार्मिंग को लेकर भी कई तरह के सवाल उठाए और इसे किसानों को बर्बाद करने वाला बताया।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सत्ता में आने पर युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन आज 20 करोड़ बेरोजगारों की फौज खड़ी है। भाजपा रेलवे, एलआईसी, स्टेडियम, एफसीआई के गोदाम आदि को बेचने की फिराक में है। उन्होंने पांच सितंबर को मुजफ्फर नगर में होने वाली किसान रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का किसानों से आह्वान किया।
पूर्व विधायक प्रताप चौधरी ने कहा कि नौ माह से भी अधिक समय से देश का किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार है कि किसान विरोधी इन कानूनों को वापस नहीं ले रही। सरकार द्वारा औद्योगिक घरानों व कुछ चंद उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए ही कृषि कानून बनाए गए हैं। किसान भी हार मानने वाले नहीं है, जब तक सरकार तीनों काले कानूनों को वापस नहीं ले लेती तब तक किसान आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
महापंचायत को जिला पंचायत सदस्य गुड्डू चौधरी, डॉ. अनिल दवास, महेंद्र सिंह, जिपं सदस्य सुआ पहलवान, ईशान चौधरी, महापंचायत संयोजक निरंजन सिंह शास्त्री, रामवीर सिंह, प्रवीण पौनियां, रामबाबू चौहान, चोब सिंह पहलवान, गनेशीलाल गौतम, केरम सिंह, रालोद जिलाध्यक्ष केशवदेव चौधरी, राजवीर लवानिया, सुरेंद्र परिहार, अंशुमान ठाकुर, चंद्रेश आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम संयोजक अखंड प्रताप सिंह और निरंजन शास्त्री ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
महापंचायत में किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों के जरिये पहुंचे। पंचायत में ब्लॉक प्रमुख रामकिशन, लायक सिंह, सचिन पचहरा, दीपू चौधरी, महीपाल सिंह, आरिफ खान, बहादुर सिंह, चंद्रकांत सिंह बधौतिया, डॉ. मोनवीर सिंह, अनिल बधौतिया, देशराज सिंह पूर्व चेयरमैन, प्रमेंद्र गावर, रमेश सिंह ठेनुआं, आशीष चौधरी, धर्मवीर चारग, धर्मवीर सिंह, मलखान सिंह, राजू प्रधान, चोब सिंह पहलवान, देवेंद्र चौधरी, बच्चू सिंह, नरेश पौनियां, अतुल प्रेमी, निरोत्तम सिंह, विष्णु प्रधान, लाल सिंह जूरैल, ओमवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
किसान महापंचायत को संबोधित करते भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव यदुवीर सिंह और मंचासीन पूर्व विधाय?- फोटो : SADABAD