न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
प्रदेश सरकार आम लोगों की राह को आसान बनाने पर खासा ध्यान दे रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग के पास के गांवों को संपर्क मार्ग के जरिये जोड़ा जाएगा। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) द्वारा पांच किलोमीटर के दायरे में बसावट का सर्वे किया जा रहा है। ढाई सौ से अधिक आबादी वाले गांवों को इस सर्वे में शामिल किया जाएगा। विभाग की योजना से सड़कें दुरुस्त हो जाएंगी, जिसका लाभ जिले के कई गांवों को मिलने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय कि जिले की 474 ग्राम पंचायतों में लाखों की आबादी रहती है। जिले के आज भी कुछ गांव ऐसे हैं, जिनमें सड़कों की हालत सही नहीं है। अब सरकार चुनावी साल में ग्रामीणों की राह को सुगम बनाने पर पूरा ध्यान दे रही है। इसके तहत शासन से निर्देश मिले हैं कि राजमार्गों व एक्सप्रेस वे के दोनों ओर पांच किलोमीटर के दायरे में बसावट वाले गांवों को चालू वित्तीय वर्ष में संपर्क मार्गों से जोड़ा जाए। बड़ी सड़कों के इर्द-गिर्द आने वाले गांवों को ध्यान में रखते हुए यह योजना बनाई गई है।
लोनिवि द्वारा जिले में इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। नव निर्माण व विशेष मरम्मत का बजट उपलब्ध कराने के लिए लोनिवि द्वारा शासन से संपर्क भी किया जा रहा है। बारिश के बाद सितंबर माह में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान भी चलाया जाएगा। इस लोनिवि के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) राजेश कुमार निगम का कहना है कि जिले में ऐसे गांवों का सर्वे कराया जा रहा है। वैसे अभी तक ऐसा कोई गांव सामने नहीं आया है, जो संपर्क मार्ग जुड़ा न हो। जल्द इस सर्वे को पूरा लिया जाएगा।
हाथरस से मथुरा का सफर भी होगा आसान
हाथरस। सरकार ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों के साथ एनएच की हालत सुधारने पर भी पूरा ध्यान दे रही है। सूत्रों की मानें तो मथुरा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित हो गया है। पहले चरण में मथुरा से हाथरस के बीच फोर लेन मार्ग बनाने की कोशिशें चल रही हैं। इस पर जल्द काम रफ्तार पकड़ेगा। इससे जिले के काफी लोगों को राहत मिलेगी। संवाद