जनपद में चल रहे फ्रेट कॉरिडोर निर्माण से क्षेत्र की दूसरी सड़के जर्जर हो रही हैं। पीएमजीएसवाई ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। विभाग के मुख्य अभियंता ने फ्रेट कॉरिडोर के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर क्षेत्र की दो सड़कों के जर्जर होने की जानकारी देते हुए उनकी मरम्मत के लिए कहा है। वहीं कॉरिडोर निर्माण के कार्य में लगे भारी वाहनों को दूसरे वैकल्पिक मार्गों से गुजरने की सलाह दी गई है। जिले में फ्रेट कॉरिडोर का कार्य इन दिनों तेजी से चल रहा है।
वर्तमान में यह कार्य पिलखुवा क्षेत्र के आसपास चल रहा है। यहां परियोजना के कार्य में लगे भारी वाहन देहात क्षेत्र की सड़कों को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। इनकी आवाजाही से सड़कें खराब होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों में काफी गुस्सा है। गत दिनों निजामपुर लिंक रोड के जर्जर होने पर ग्रामीणों ने भी प्रदर्शन किया था। पीएमजीएसवाई लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता बीडी गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फ्रेट कॉरिडोर के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया है कि परियोजना में भारी वाहनों की आवाजाही से उनके विभाग की सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। पूर्व में बनाई गई एनएच 09 से पिलखुवा, फगौता वाया कांवी अहमदपुर के करीब तीन किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। जिसमें पैचवर्क की आवश्यकता है। इसके अलावा दिनेश नगर से मेरठ-बदायुं मार्ग वाया अमीपुर, नंगौला, सरावा, दादरी, दस्तोई मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। जिसमें करीब छह किलोमीटर क्षेत्र में मरम्मत की आवश्यकता है, ऐसे में इन मार्गाें की मरम्मत किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा आसपास के और कुछ मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। पत्र में मुख्य अभियंता ने कहा है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत इन मार्गों का निर्माण कराया जाता है। निर्धारित मानकों के अनुसार अधिक भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से ये सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री द्वारा भी ऐसी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए आदेशित किया गया है।
मुख्य अभियंता ने दूसरे वैकल्पिक मार्गों के प्रयोग की सलाह दी गई है। मुख्य अभियंता बीडी गुप्ता का कहना है कि करोड़ों रुपयों की लागत से इन सड़कों का निर्माण हुआ है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही से समय से पहले ही सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही है। जिसके लिए प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा गया है।