भाजपा के मंडल अध्यक्ष को पुलिस ने उठाया, इंस्पेक्टर को हटाने पर अड़े सांसद-विधायक
हापुड़। सपा सरकार में हुए एक पुराने मामले में कोर्ट से जारी गैर जमानती वारंट के चक्कर में हापुड़ कोतवाली पुलिस ने भाजपा के देहात मंडल अध्यक्ष दिनेश त्यागी को देर रात करीब डेढ़ बजे उनके गांव धनौरा स्थित घर से उठा लिया। आरोप है कि भाजपा मंडल अध्यक्ष ने अपना परिचय दिया लेकिन पुलिस ने उनके साथ अभद्रता की। हालांकि कुछ नेताओं के हस्तक्षेप के कारण करीब दो घंटे बाद उन्हें छोड़ भी दिया गया। लेकिन सुबह सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष और शहर के दोनों मंडल प्रभारी कार्यकर्ताओं के साथ सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में एसपी से मिले। इस दौरान काफी हंगामा हुआ। एसपी ने दो दिन में जांच कर कार्रवाई का समय मांगा है।
वर्ष 2009 में सपा शासन काल में सरकार के खिलाफ जाम लगाने के मामले में भाजपा देहात मंडल अध्यक्ष दिनेश त्यागी के कोर्ट द्वारा गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले की जा रही कार्रवाई के तहत पुलिस ने भाजपा नेता के खिलाफ कार्रवाई कर दी। आरोप है कि बृहस्पतिवार रात करीब डेढ़ बजे कोतवाली पुलिस गांव धनौरा में दिनेश त्यागी के घर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने दिनेश त्यागी को घर से बाहर बुलाया और जबरन पुलिस की गाड़ी में बैठाकर कोतवाली ले आई। इस दौरान दिनेश त्यागी के साथ अभद्रता और हाथापाई की गई। देर रात ही पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद करीब साढ़े तीन बजे दिनेश त्यागी को छोड़ा गया।
शुक्रवार को मामला भाजपा के अन्य पदाधिकारियों तक पहुंचा तो उनमें आक्रोश फैल गया। सांसद राजेंद्र अग्रवाल, जिलाध्यक्ष उमेश राणा, विधायक विजयपाल आढ़ती, मंडल अध्यक्ष विनीत दीवान अन्य पदाधिकारियों के साथ सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में एकत्र हो गए। इसके बाद एसपी नीरज कुमार जादौन को वार्ता के लिए सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में बुलाया गया। दोपहर के समय सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस के एक कमरे में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक और अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मियों को हटाने की मांग को लेकर भाजपाइयों ने हंगामा किया। गुस्साए भाजपाई एक बार तो बैठक छोड़कर जाने लगे, लेकिन एसपी उन्हें समझाते हुए अंदर ले गए। जिसके बाद बंद कमरे में करीब आधा घंटे तक एसपी और पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई। एसपी ने भाजपा नेताओं को कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद भाजपा पदाधिकारी लौट गए।
सांसद राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि भाजपा के एक पदाधिकारी को देर रात पुलिस बल के साथ गिरफ्तार करना और उनसे अभद्रता करना गलत है, इस प्रकार का आचरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसपी नीरज कुमार जादौन का कहना है कि चुनाव से पहले जिले की पुलिस द्वारा वारंटियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। भाजपा पदाधिकारी से अभद्रता करने की शिकायत की गई है, अगर ऐसा हुआ है तो गलत है। मामले की जांच की जा रही है।
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मामले को लेकर भाजपाइयों में दिखा आक्रोश
सत्ता के बावजूद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बाद से भाजपाइयों में आक्रोश का माहौल है। मामले को लेकर कुछ पदाधिकारियों द्वारा हाईकमान को भी सूचित करा दिया गया है। ऐसे में इस मामले को लेकर पुलिस फिलहाल बैकफुट पर आ गई है। पीड़ित भाजपा पदाधिकारी दिनेश त्यागी का कहना है कि उन्हें वारंट के संबंध में पुलिस सूचना देती तो वे खुद ही हाजिर हो जाते। उन्हें रात में गिरफ्तार करने और अभद्रता करने की क्या आवश्यकता थी।