गोंडा। कोतवाली नगर के एक मुकदमे में आरोपित का नाम निकालने के लिए मंत्री व मंत्री का पीआरओ बनकर एक किशोर मुकदमे के विवेचक को धमकी देता रहा। मामले में एसओजी ने सर्विलांस के जरिए धमकी देने वाले को तलाश निकाला। मामले में दरोगा ने कोतवाली नगर में धमकी देने वाले किशोर के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि कोतवाली नगर में तैनात उपनिरीक्षक भानु प्रताप सिंह कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे की विवेचना कर रहे थे। इसी मुकदमे में आरोपित का नाम निकालने के लिए एक किशोर ने उपनिरीक्षक भानु प्रताप सिंह के मोबाइल पर कॉल किया।
कॉल करने वाले ने खुद को पहले प्रदेश सरकार का मंत्री बताया। दूसरी बार कॉल किया तो खुद को मंत्री का पीआरओ बताया। इतना ही नहीं मुकदमे से नाम न निकालने पर विवेचक को धमकी भी दी। कॉल करने वाला अधिकारियों से दरोगा पर मिथ्या आरोप लगाकर प्रताड़ित भी कर रहा था।
दरोगा भानु प्रताप सिंह ने पूरा मामला एसपी के सामने रखा तो एसपी ने कोतवाल नगर पंकज सिंह, एसओजी व सर्विलांस टीम को सच्चाई का पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी। सर्विलांस के जरिए पता चला कि मंत्री व मंत्री का पीआरओ बनकर कॉल करने वाला एक किशोर है।
जिसके बाद दरोगा भानु प्रताप सिंह ने कोतवाली नगर में कॉल करने वाले के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कॉल करने वाला किशोर है। इसलिए पूरे मामले की रिपोर्ट किशोर न्याय बोर्ड को भेजी गई है।