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जान जोखिम में डाल रेलवे ट्रैक पार करते हैं हजारों लोग

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गोंडा। रेलवे प्रशासन एक तरफ संरक्षा तथा यात्रियों को बेहतर सुविधा देने का दावा करता है। लेकिन यहां तो लोग रेलवे लाइनों को पार कर जान जोखिम डालने को विवश हैं।
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गोंडा रेलवे स्टेशन के पश्चिमी केबिन के पास खुला मार्ग होने से रोजाना हजारों लोग रेलवे ट्रैक को पार करते हैं। यहां तक लोग अपनी साइकिल और मोटरसाइकिल भी लेकर इस ट्रैक के बीच फांद कर इस पार से उस पार आते जाते रहते हैं, जबकि गोंडा रेलवे स्टेशन का मुख्य रेलवे ट्रैक होने के कारण सैकड़ों ट्रेनें गुजरती रहती हैं।
कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है मगर रेल प्रशासन की इस तरफ नजरें बंद हैं। एक माह पहले पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने निरीक्षण किया था और ट्रैक के दोनों तरफ बैरीकेडिंग कराने का आदेश दिया था। लेकिन यहां के अधिकारियों ने उनके इस आदेश का पालन नहीं किया।
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इस स्थान की स्थिति को देखने से ही पता चलता है कि लोग अपनी जान हथेली में लेकर रेलवे ट्रैक को पार करते हैं। बताते चलें पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन के गोंडा रेलवे स्टेशन बहुत ही महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन होने के नाते इस स्टेशन से 55 जोड़ी यात्री तथा 75 जोड़ी मालगाड़ी ट्रेनों का आवागमन प्रतिदिन होता है।
रेलवे स्टेशन से मात्र आधा किलोमीटर दूरी पर स्थित पश्चिमी रेलवे केबिन जो कि वर्तमान में बंद है। इसके बगल से मार्ग खुला होने से रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग रेलवे ट्रैक को पार करते हैं। यहां तक लोग अपनी साइकिल व मोटरसाइकिल को भी ट्रैक को फांद कर इस पार से उस पार आते जाते हैं।
इसी दरम्यान हर 10 से 15 मिनट के बीच कोई न कोई ट्रेन का भी आवागमन जारी रहता है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। रेलवे जोन गोररखपुर और मंडल व लखनऊ से आए दिन कोई ना कोई अधिकारी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने आते हैं।
इन अधिकारियों का पहला स्लोगन होता है कि यात्रियों को बेहतर से बेहतर सुरक्षा दिया जाए। 20 अगस्त को पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी ने गोंडा रेलवे स्टेशन का सघन निरीक्षण किया था ।
उन्होंने निरीक्षण के दौरान इस स्थान का जिक्र हुआ तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से आदेश किया था कि लो लोगों की सुरक्षा के लिए बेहतर ढंग से बैरीकेटिंग लगाई जाए। मगर उनके आदेश के 1 माह बीत जाने के बाद भी स्थिति ज्यों का त्यों है क्यों बना हुआ है। इससे जनपद वासियों को चिंता का विषय बन गया है।
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