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गुजरात और असम की तर्ज पर बेसिक स्कूलों के छात्रों की होगी ट्रैकिंग

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गोंडा। गुजरात, असम व पश्चिम बंगाल की तर्ज पर बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की निगरानी के लिए चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम जल्द ही प्रदेश में भी लागू होगा। बेसिक शिक्षा विभाग नयी व्यवस्था को गोंडा समेत कुछ अन्य जिलों में बतौर पायलट प्रोजेक्ट लागू करने की तैयारी में है। इससे बेसिक स्कूलों में पढ़ने के लिए आने वाले बच्चों की निगरानी के साथ ही शिक्षण कार्य से जुड़े बाकी गड़बड़ियों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। इसके संचालन के लिए प्रदेश स्तर पर आठ सदस्यीय एक कमेटी गठित की गयी है। गठित कमेटी में गोंडा जिले आदर्श शिक्षक रवि प्रताप सिंह का नाम भी शामिल है। यह कमेटी नवीन व्यवस्था को लागू करने के लिए तैयार किए जा रहे प्रस्ताव पर अमल करेगी।
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जिले के बेसिक स्कूलों में करीब चार लाख बच्चे पढ़ाई के लिए पंजीकृत हैं। इनकी उपस्थिति पर नियमित नजर रखने के लिए अब गुजरात और असम के स्कूलों में लागू चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम की व्यवस्था को जिले में भी लागू किया जाएगा। इससे स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ ही शिक्षण कार्य की गुणवत्ता बढ़ाने में भी ऑन लाइन मदद मिलेगी। अभी छात्रों के हाजिरी का सत्यापन शिक्षकों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेज के आधार पर ही होता है। अब नई व्यवस्था से बेसिक स्कूलों के छात्रों की स्थिति के बारे में विभाग पूरी जानकारी सीधे अपने स्तर से जुटा सकेगा।
पंजीकरण बाद भी स्कूल नहीं आते एक लाख बच्चे
बेसिक स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति में सुधार नहीं आ रहा है। काफी प्रयास के बाद भी बच्चों की कक्षाओं में उपस्थिति बेहद कम बनी है। बीते दो सालों के दौरान 60 फीसदी ही बच्चे ही स्कूल आते हैं। नियमित समीक्षा होने पर बच्चों की उपस्थिति में बेहतरी के साथ सुधार होगा। विभागीय आकलन के अनुसार ही स्कूलों में 40 फीसदी बच्चे रोजाना नही आते हैं। जिले में पंजीकृत 4 लाख बच्चों में से औसतन एक लाख बच्चे रोज स्कूलों से किसी न किसी कारण से गैरहाजिर बने रहते है।
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प्रेरणा एप से निगरानी का हुआ था विरोध
साल 2019- 20 में लागू प्रेरणा एप के तहत सेल्फी से बच्चों की उपस्थिति लेने की व्यवस्था लागू हुई थी। सेल्फी में बच्चों के साथ शिक्षकों के भी शामिल होने की अनिवार्यता के कारण महिला शिक्षिकाओं की तरफ से इसका विरोध किया गया। बाद में सेल्फी की व्यवस्था को विभागीय स्तर से हटाकर प्रेरणा एप लागू किया गया। इसके बाद अब चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से विभाग बच्चों की उपस्थिति और उनकी पढ़ाई पर नजर रखने की तैयारी में जुटा है।
बेसिक स्कूल में चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने की पहल शुरू हुई है। नयी व्यवस्था को अमल में लाने के लिए गठित कमेटी में मेरा नाम भी शामिल किया गया है। जल्द ही पूरे व्यवस्था का अध्ययन करके अपने सुझाव प्रस्तुत करूंगा। रवि प्रताप सिंह, प्रधानाध्यापक प्राथमिक स्कूल धौरहरा
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